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देश विदेश

ayodhya

अयोध्या का इस तरह होगा विकास, सरकार ने तैयार किया मेगा प्लान

14 November 2019

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद यहां पर विकास की बयार सरकार लगाने जा रही है। अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के लिए सरकार मेगा वर्क प्लान तैयार कर रही है। अयोध्या के मेगा प्लान में सरयू नदी पर क्रूज (पानी का छोटा जहाज) से लेकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी शामिल है। अयोध्या के विकास के लिए मंडल के सूचना उप निदेशक मुरलीधर सिंह ने यहां के खाका के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया, सबसे पहले अयोध्या में तीर्थ विकास परिषद का गठन किया जायेगा। तीर्थ विकास परिषद ही यहां का विकास करेगा। यहां पर सरयू नदी में एक क्रूज चलाये जाने की भी योजना है। उन्होंने बताया कि अयोध्या को तिरुपति जैसा शहर बनाने की तैयारी चल रही है। ऐसा रूप देने में लगभग चार साल का समय लगेगा। 

rahul gandhi

राफेल डील: सुप्रीम कोर्ट ने फिर दिया विपक्षियों को झटका, सरकार को क्लीनचिट

14 November 2019

राफेल भ्रष्टाचार मामले में कांग्रेस को एक बार फिर बड़ा झटका मिला है। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सीबीआई जांच की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी है। हालांकि कोर्ट ने राहुल गांधी के चौकीदार चोर है बयान के लिए माफी मंजूर कर ली है, राहुल को भविष्य में इस तरह के बयान देने से पहले सोचने की नसीहत भी दी गई है। इस मामले में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस एसके कौल की बेंच ने अपना फैसला सुनाया है।सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दूरसंचार एवं कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एक बार फिर राहुल पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए।

supreme court

सुप्रीम कोर्ट का फैसला, आरटीआई के दायरे में आएगा सीजेआई का ऑफिस

13 November 2019

अयोध्या मामले के बाद बुधवार को सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। ऐतिहासिक फैसला देते हुए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश ने  कुछ शर्तों के साथ में कहा कि ऑफिस सूचना के अधिकार (आरटीआई) के दायरे में आएगा। कोर्ट ने कहा कि सीजेआई का दफ्तर भी पब्लिक ऑफिस है। वह सूचना के अधिकार के तहत आता है और 2010 का हाई कोर्ट का फैसला बरकरार रखा जाता है। 

राम लला की खबर पढ़ने के लिए उतारीं चप्पल, वायरल हो रही तस्वीर

11 November 2019

भक्ति और आस्था लोगों को किस कदर प्रभावित करते हैं इसके उदारहण अक्सर देखने को मिलते रहते हैं। हाल ही में ऐसा ही एक और मामला सामने आया। सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या विवाद पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया। इस फैसले की खबर हर चैनल पर आ रही थी।  एंकर्स अपने-अपने तरीके से ये खबर जनता तक पहुंचा रहे थे। इस बीच एक एंकर की तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें वह नंगे पैर राम मंदिर की खबरें पढ़ते दिख रहे हैं।

ram temple

राम मंदिर नींव के लिए इन दो तारीखों पर हो सकता है फैसला

11 November 2019

अयोध्या विवाद में ऐतिहासिक फैसला सुनाने के बाद अब राम मंदिर का रास्ता साफ हो गया है। हिन्दू धर्म की आस्था का प्रतीक बन चुके राम मंदिर की अब नींव पड़ने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। अयोध्या में राम मंदिर को लेकर संत समाज की ओर से तारीखें सुझाई जाने लगी हैं। अखिल भारतीय संत समिति का कहना है कि मंदिर की नींव के लिए दो तारीखें उपयुक्त रहेगी। यह 25 मार्च को हिन्दू नववर्ष और 2 अप्रैल को रामनवमी हैं।

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अयोध्या विवाद फैसला: असदुद्दीन ओवैसी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुश नहीं

09 November 2019

वर्षों से चले आ रहे अयोध्या विवाद का आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने फैसला कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने रामजन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विवाद पर फैसला चुनाते हुए सीजेआई रंजन गोगोई ने धर्मनिरपेक्षता संविधान का बुनियादी आधार रखा। आज फैसला देते हुए उन्होंने कहा कि अयोध्या विवाद में सुप्रीम कोर्ट का फैसला सर्वसम्मति से लिया गया है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में 1528 में एक ऐसी जगह है जहां पर एक मस्जिद बनाई गई जिसे कुछ हिंदू अपने भगवान राम का जन्म स्थान मानते हैं। यहां पर मुगल सम्राट बाबर ने यह मस्जिद बनवाई थी। बाबरी मस्जिद का नामकरण बाबर की वजह से हुआ। 

narendra modi

पीएम मोदी ने करतारपुर कॉरिडोर के लिए इमरान खान का किया शुक्रिया

09 November 2019

सिक्खों के पवित्र स्थान करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन आज पीएम नरेंद्र मोदी ने किया। उद्घाटन करने पहुंचें पीएम मोदी सुल्तानपुर लोधी शहर पहुंचकर बेर साहिब गुरुद्वारे में मत्था टेका और इसके बाद पाकिस्तान की सीमा से लगे पंजाब के ऐतिहासिक स्थल पहुंचें। गुरदासपुर जिले के ऐतिहासिक नगर डेरा बाबा नानक पहुंचे, जहां गुरुनानक जी ने काफी समय बिताया है। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने करतारपुर कॉरिडोर खोलने की पहली के लिए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान नियाजी का शुक्रिया अदा किया। 

ayodhya case

अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला अंतिम नहीं, बाकी हैं अभी ये दो विकल्प

09 November 2019

अयोध्या राम जन्मभूमि पर चल रहे बहुप्रतीक्षित फैसले का इंतजार आज खत्म हो गया है। पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने विवादित जमीन पर रामलला के हक में फैसला सुनाया। निर्मोही अखाड़े को ट्रस्ट में जगह देने की अनुमति को खारिज कर दिया गया है। मुस्लिमों को मस्जिद बनाने के लिए 5 एकड़ जमीन दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट का फैसला अंतिम होता है और इसके बाद कोई अपील नहीं की जा सकती लेकिन फिर भी फैसले से असंतुष्ट पक्ष के पास अभी दो विकल्प हैं। पक्ष सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका की मांग कर सकते हैं और ये याचिका खारिज होने के बाद असंतुष्ट पक्ष क्यूरेटिव याचिका दाखिल कर सकता है। इसके लिए अलग नियम होते हैं। किसी भी फैसले के खिलाफ 30 दिन के अंदर पुनर्विचार याचिका दाखिल की जा सकती है। इसके बाद पीठ को इसपर दोबारा विचार करना होता है। इसके अलावा पुनर्विचार याचिका में ये भी साबित करना होता है कि फैसले में कमियां थीं। पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई फैसला सुनाने वाली पीठ के न्यायाधीश चैंबर में सर्कुलेशन के जरिये होती है न कि खुली अदालत में। यहां पर सिर्फ मुकदमे की फाइलें और रिकार्ड होते हैं जिसके जरिए विचार होता है।  

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जानिए अयोध्या विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने क्या दिया था फैसला

09 November 2019

रामलला की जन्मभूमि का मामला हाईकोर्ट इलाहाबाद में गया था। जहां पर अयोध्या विवाद को लेकर को 30 सितंबर 2010 को फैसला सुनाया गया। पहली बाद कोई बड़ा अदालती फैसला आया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट में तीन जजों की बेंच ने अयोध्या की 2.77 एकड़ विवादित जमीन को तीन बराबर हिस्सों में मुस्लिमों, रामलला और निर्मोही अखाड़े में बांट दिया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। यह फैसला सुनाने वाले जस्टिस एसयू खान ने 285 पेज के अपने फैसले में टिप्पणी की थी, ‘‘यह जमीन का छोटा-सा टुकड़ा है, जहां देवदूत भी पैर रखने से डरते हैं। हम वह फैसला दे रहे हैं, जिसके लिए पूरा देश सांस थामें बैठा है।’’ इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस फैसले को 9 मई 2011 को हिंदू और मुस्लिम पक्षों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। 

supreme court

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम फैसला, विवादित ढांचे की जमीन हिन्दू पक्ष को मिलेगी

09 November 2019

राम मंदिर व बाबरी मस्जिद विवाद पर आज सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला पढ़ रहा है। इस बारे में सबसे बड़ा फैसला यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने हिन्दू पक्ष को जमीन का मालिकाना हक दे दिया है। अब मंदिर के लिए सरकार ट्रस्ट बनाएगी। वहीं मुस्लिम पक्ष को मस्जिद के लिए 05 एकड़ की जमीन दी जाएगी। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की पीठ ने दिया है।इतिहास से लेकर वर्तमान तक, ये है अयोध्या विवाद की पूरी कहानीयह रहे हैं बड़े फैसलेविवादित जमीन पर रामजन्मभूमि न्यास का हकमुस्लिम पक्ष को अयोध्या में ही मिलेगी 5 एकड़ जमीन05 एकड़ की जमीन के लिए दी मस्जिद दी जाएगीकेन्द्र सरकार तीन महीने के अंदर मस्जिद बनाने के लिए जगह देगीमुस्लिम समाज को मस्जिद बनाने के लिए मिलेगी दूसरी जगह जमीनविवादित जमीन के नहीं होंगे टुकड़ेंइस बारे में पहला फैसला यह आ रहा है कि इस मामले में शिया वक्फ बोर्ड की याचिका खारिज कर दी गई है। शिया वक्फ बोर्ड ने यह याचिका दी थी कि यहां मस्जिद एक शिया ने बनवाई थी, इसलिए यह जमीन उनकी है। इसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है।1857 से पहले हिन्दू पूजा के सबूत मिले, मुस्लिम पक्ष नहीं रख पाया सबूतविवादित भूमि पर मुस्लिम पक्ष पढ़ते थे नमाज, इस बात के सबूत

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