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व्हाट्सअप ने किया बदलाव, अब आसानी से फॉरवर्ड नहीं होंगे फेक मैसेजेस

08 April 2020

संकट की इस घड़ी में सूचना क्रांति एक ओर जहां मददगार है, वहीं इसका गलत प्रयोग सिरदर्दी भी बनता जा रहा है। इस समय लोगों के सोशल मैसेजिंग एप, और सोशल मीडिया पर ऐसे कई मैसेज आ रहे हैं, जिनकी सच्चाई संदेह के घेरे में है। ज्यादातर व्हाट्सअप पर इस तरह के तमाम मैसेज भेजे जाते हैं, और लोग वास्तविकता न जानते हुए भी उसे शेयर करने में जुट जाते हैं। सरकार की ओर से ऐसे फेक मैसेजेस पर कंट्रोल करने के लिए व्हाट्सअप को सख्त निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद व्हाट्सअप ने अपनी एप में एक बड़ा बदलाव कर दिया है, अब यूजर कई लोगों को संदेश फारवर्ड नहीं कर सकेंगे। हालांकि ये प्रतिबंध केवल कोरोना के संकट तक ही हो सकता है।

कोरोना से लड़ाई में डीआरडीओ आया आगे, अब 'मिसाइल' की जगह बना रहा चिकित्सकीय उपकरण

06 April 2020

देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में इस चुनौती से निपटने के लिए केंद्र से लेकर राज्य सरकारें तक युद्धस्तर पर काम कर रही हैं। आइसोलेशन वार्ड बनाने से लेकर देश में वेंटिलेटर और इस बीमारी के उपचार में प्रयोग आने वाले चिकित्सकीय उपकरणों को बढ़ाया जा रहा है। केंद्र ने उत्पादन करने वाली सभी सरकारी संस्थाओं को कोविड-19 से निपटने के लिए प्रयोग में आने वाले चिकित्सकीय उपकरणों को बनाने में लगा दिया है। 

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कोरोना के खतरे से आगाह करने में अहम भूमिका निभा रही ये एप्लीकेशन

04 April 2020

कोरोना का कहर जैसे-जैसे बढ़ता जा रहा है, इस बीमारी को लेकर लोगों में अफवाहें भी बढ़ती जा रही हैं। तमाम तरीके के गलत और सही जानकारी वाले मैसेज, वीडियो और फोटो लोगों के व्हाट्सअप और सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं। इसको देखते हुए भारत सरकार की ओर से एक एप्लीकेशन आरोग्य सेतु 2 अप्रैल को लॉन्च की गई थी। इस एप्लीकेशन के जरिए लोग अपने आस-पास के इलाकों में फैले कोरोना वायरस के मरीजों के बारे में जान सकते हैं। ये एप्लीकेशन कोरोना से संक्रमित मरीजों के मूवमेंट पर भी नजर रखती है, और उससे बचाव के तरीके भी बताती है।

नोएडा में बना देश का पहला कोरोना मेडिकल कॉल सेंटर, महज 48 घंटे में बनकर हुआ तैयार

04 April 2020

देश में कोरोना वायरस के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। शुक्रवार की शाम तक यह आंकड़ा 2500 के पार पहुंच गया। वहीं, इस बीमारी की वजह से अब तक 71 लोगों की मौत भी हो चुकी है। लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए उत्तर प्रदेश के नोएडा में देश का पहला अत्याधुनिक मेडिकल कॉल सेंटर बनाया गया है। इस कॉल सेंटर से लोगों को कोरोना से संबंधित जानकारी दी जाएगी। कोरोना वायरस से लड़ने के लिए आधुनिक तकनीक का पूरा इस्तेमाल किया जा रहा है। सबसे खास बात यह है कि जिले के डीएम सुहास एलवाई के प्रयास से यह कॉल सेंटर महज 48 घंटे के अंदर ही बनकर तैयार हो गया। जिला प्रशासन की तरफ से शुरू किए गए कंट्रोल रूम का टोल फ्री नंबर 1800 419 2211 है।

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कोरोना से लड़ाई में जुटे देश भर के आईआईटी संस्थान, सस्ते उपकरणों की कर रहे खोज

03 April 2020

कोरोना जैसी महामारी से निपटने के लिए जहां डॉक्टर मैदान में डटे हुए हैं, तो वहीं वैज्ञानिक और रिसर्चर भी लैब में डटे हुए हैं। ये लोग इस महामारी में देश को आर्थिक क्षति से बचाने के लिए सस्ते उपकरण खोजने में जुटे हैं। कोरोना महामारी को रोकने से लेकर इलाज तक में प्रयोग होने वाले चिकित्सीय उपकरण को तैयार करने में इस समय देश भर की आईआईटी जुटी हुई हैं। आईआईटी में कोविड-19 से सुरक्षा वाले उपकरणों को खोजने का काम दिन-रात चल रहा है। मानव संसाधन मंत्रालय के निर्देश पर देश की अलग-अलग आईआईटी में इससे जुड़े उपकरणों को बनाने पर रिसर्च किया जा रहा है। कोरोना के खिलाफ जंग में भारत को बेहतर स्थिति पर पहुंचाने के लिए आईआईटी अपनी जी जान लगा रहे हैं। कहीं पर सस्ता टेस्टिंग किट, हैंड सैनिटाइजर, पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीई) बनाने से लेकर क्वारंटाइन का उल्लंघन करने वालों के लिए एप बनाने और वेंटिलेटर की कमी से जूझ रहे देश के लिए सस्ते वेंटिलेटर बनाने का प्रस्ताव तक दिया गया है।

कोरोना से लड़ाई में आगे आया आईआईटी कानपुर, बना रहा पोर्टेबल वेंटिलेटर

01 April 2020

देश में कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में आने से मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच में एक राहत वाली खबर आईआईटी कानपुर से आ रही है। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में ऐसा पोर्टेबल वेंटिलेटर बनाया गया है, जो बाजार में उपलब्ध जीवन रक्षक मशीनों से भी सस्ता है। कोरोना वायरस से जंग जीतने के लिए तैयार किए जा रहे पोर्टेबल वेंटिलेटर काफी किफायती और मरीजों के लिए किसी रक्षक से कम नहीं है। 

कोरोना से लड़ने के लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर रहीं विश्व की ये नामी कंपनियां

01 April 2020

कोरोना वायरस का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूरी दुनिया में फैली इस महामारी ने भारत में भी तेजी से अपने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। इस महामारी से बचाव के लिए कई कंपनियां भी टेक्नोलॉजी के जरिए अपनी मदद कर रही हैं। इसमें एप्पल कंपनी ने एक ऐसे टूल का निर्माण किया है जो लोगों में कोरोना वायरस के खतरे को जान सकता है। एप्पल के साथ ही विश्व की तमाम कंपनियों ने अपने ऐसे उपकरण व उसके प्रोटोटाइप जारी किए हैं।

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टेक्नोलॉजी: यहां मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए मॉनिटर हो रहे कोरोना मरीज

31 March 2020

कोरोना वायरस के मामले पूरे विश्व में बढ़ते ही जा रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की वेबसाइट के अनुसार 30 मार्च तक विश्वभर में कोरोना वायरस के 693224 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं करीब 33106 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। भारत में भी कोरोना के मामले तेजी से बढ़े हैं। भारत सरकार की ओर से जारी किए गए डाटा के अनुसार अभी तक देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 1117 हो गई है। वहीं 32 लोग मौत का शिकार हो चुके हैं। इन सबके बीच कर्नाटक और तमिलनाडु की सरकार ने एक ऐसी मोबाइल एप्लीकेशन बनाई है जो क्वारंटीन लोगों पर नजर रख रही है और उनके परिचितों को कोरोना का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए आगाह कर रही है।

WHO व्हॉट्सऐप पर देगा कोरोना वायरस से जुड़ी सही जानकारी, ये है तरीका

21 March 2020

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शनिवार को व्हॉट्सऐप पर एक हेल्थ अलर्ट लॉन्च किया है। इस हेल्थ अलर्ट के जरिए अब व्हॉट्सऐप का कोई भी यूजर विश्व स्वास्थ्य संगठन से सवाल पूछ सकता है। WHO अब इसके जरिए आपको 24 घंटे कोरोना वायरस से जुड़ी विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध कराएगा। आप चाहें तो अपने सवाल भी इस नंबर भी पूछ सकते हैं।

redmi note 9 Pro Max

रेडमी ने लांच किया अपना नया फोन, ये है कीमत और फीचर्स

12 March 2020

रेडमी ने अपना नया फोन रेडमी नोट 9 का नया स्मार्टफोन रेडमी नोट 9 प्रो मैक्स लॉन्च कर दिया है। इसके लॉन्च की शुरुआत शाओमी इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर मनु कुमार जैन ने की। कंपनी ने रेडमी नोट 9 का लॉन्च कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से टाल दिया था। कंपनी ने इवेंट में रेडमी नोट 9 प्रो मैक्स के अलावा रेडमी नोट 9 प्रो के दो वेरियंट भी लॉन्च किए। मनु जैन ने बताया कि पिछली लगातार 10 तिमाहियों से शाओमी नंबर 1 स्मार्टफोन ब्रैंड बनी हुई है। उन्होंने बताया कि अब तक भारत में 100 मिलियन से ज्यादा रेडमी डिवाइसेज बेची जा चुकी हैं।

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