सब्सक्राइब करें

सोसाइटी

Pranjal patil

प्रांजल बनीं भारत की पहली नेत्रहीन महिला IAS, प्रेरणादायक है इनकी कहानी

14 October 2019

कहते हैं कि सफलता उन्हें ही मिलती है तो उसे पाने के लिए पूरी ताकत लगा देते हैं फिर रास्ते में कितनी भी बाधाएं आएं। इसी का उदाहरण है महाराष्ट्र की प्रांजल। प्रांजल की आंखें नहीं है, लेकिन उनकी हिम्मत और हौसला बहुत बड़ा है। उनकी मेहनत और लगन थी जिसकी बदौलत वो पहली नेत्रहीन महिला आईएएस (IAS) बनी हैं और तिरुवनंतपुरम में सब कलेक्टर का चार्ज संभाल लिया है। महाराष्ट्र के उल्लासनगर में रहने वाली प्रांजल की आंखें बचपन से ही कमजोर थी। धीरे-धीरे उनकी रोशनी कम होती गई  और छह साल की उम्र में उनकी दोनों आंखों की रोशनी पूरी तरह से चली गई। इसके बावजूद भी उन्होंने हार नहीं मानी बल्कि अपनी असक्षमता को मिसाल बनाकर बाकी लड़कियों के लिए प्रेरणा बनीं। 

kamini roy

कौन हैं कामिनी रॉय, जिन्हें आज याद कर रहा है गूगल

12 October 2019

गूगल डूडल आज कामिनी रॉय का जन्मदिन मना रहा है। कामिनी रॉय वो महिला हैं जिन्होंने महिला अधिकारों के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था, आज 12 अक्टृबर को उनकी 155वीं जयंती है। कामिनी पहली ऐसी भारतीय महिला थीं जिन्होंने ब्रिटिश इंडिया में ऑनर्स में गेजुएशन किया था।एक एक्टिविस्ट, शिक्षाविद् होने के साथ वो कवियित्री भी थीं। बंगाल के बेकरगंज में जन्मी कामिनी की जयंती पर गूगल ने डूडल बनाकर उन्हें याद किया। कामिनी का जन्म 12 अक्टूबर 1864 को तत्कालीन बंगाल के बेकरगंज में हुआ था। गूगल ने आज उनकी जयंती पर डूडल बनाकर उन्हें याद किया है। कामिनी ने 1886 में कोलकाता यूनिवर्सिटी के बेथुन कॉलेज से संस्कृत में ऑनर्स ग्रेजुएशन किया, वो ब्रिटिश इंडिया की पहली महिला थीं, जिन्होंने ग्रेजुएशन किया था। 

Shreya shiddhi

नौ साल की इस बच्ची ने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए फोड़ दी गुल्लक

03 October 2019

बिहार की राजधानी पटना समेत जिले के कई इलाके बाढ़ की चपेट में है। इन इलाकों में सहायता सामग्री कैश, खान-पान का सामान पीड़ितों के बीच पहुंचाया जा रहा है। मददगारों के इस लिस्ट में नौ साल की एक बच्ची सिद्धि श्रेया भी शामिल है। सिद्धि ने इन पीड़ितों के लिए जो किया है, उससे तो बड़े-बुर्जगों को भी सीख लेनी चाहिए। इस बच्ची ने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए अपनी बचत यानी गुल्लक को फोड़ दिया और जमा पैसे लेकर पटना जा पहुंची। इस बच्ची ने बाढ़ से घिरे लोगों की मदद के लिए 11 हजार रुपए दे दिए। सिद्धि ये पैसे लेकर समस्तीपुर से पटना में पूर्व सांसद पप्पू यादव के पास पहुंची और उनको पैसे दिए। पप्पू यादव ने सिद्धि श्रेया की फोटो को अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है और उसका आभार भी जताया। 

hardoi school

सरकारी स्कूल में पीटी करते इन बच्चों को देखकर आपका दिल भी खुश हो जाएगा

20 September 2019

पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर एक सरकारी स्कूल में पीटी करते हुए बच्चों का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें बिना किसी ड्रेस, जूते और बाकी संसाधनों के बच्चे एक साथ एक लय में अभ्यास करते दिख रहे हैं। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर काफी सराहना मिली है।                                        ये बच्चे हरदोई जिले के सांडी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय सनफरा के हैं, जो सुदूर पिछड़ा और बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है। यहां कुल 138 बच्चे पंजीकृत है, जिसमें से रोज 110 ये 120 के बीच उपस्थित होते हैं। स्कूल में संसाधनों की कमी है लेकिन इसके बावजूद अध्यापकों की मेहनत से बच्चे पढ़ाई से लकर खेल-कूद सभी क्षेत्रों में आगे हैं। सहायक अध्यापक रमेश कुमार बताते हैं, हम दो ही टीचर हैं स्कूल में, हमारे यहां प्रार्थना के समय रोज पीटी कराई जाती है जिसमें 1 से लेकर 5 तक की कक्षा के सभी बच्चे शामिल होते हैं। जो बच्चे ज्यादा अच्छा करते हैं , उन्हें छांटकर बाद में भी प्रैक्टिस कराई जाती है। 

self help group

बदलाव की कहानी: 'अब लोग मुझे मेरे पति के नहीं बल्कि मेरे नाम से जानते हैं'

19 September 2019

आज से दस बरस पहले जब हमारी शादी हुई थी तो गाँव की सभी औरतें सिर्फ घर का चूल्हा चौका करती थीं या फिर खेतों में पति की थोड़ी बहुत मदद। हमारी खुद की कोई पहचान ही नहीं थी यहां तक कि हमारा नाम तक कोई नहीं जानता था क्योंकि हमें 'फलां की बीबी' या 'फलां की अम्मा' के नाम से पुकारते थे। लेकिन अब लोग मुझे मेरे नाम से जानते हैं, पहचानते हैं और सम्मान भी देते हैं। ये कहना है 35 वर्षीय सुषमा देवी का, जो रायबरेली जिले के एक छोटे से गाँव में रहती हैं। सुषमा ने स्वयं सहायता समूह की मदद से सिलाई सेंटर शुरू किया और अब वो गाँव की बाकी महिलाओं और लड़कियों को ट्रेनिंग भी देती हैं। अब ये जगह एक छोटी सी बुटीक में बदल गई हैं। सुषमा ने बताया, “मैंने सिलाई सीख रखी थी और अगर आपको किसी चीज की जानकारी है तो उसका फायदा उठाना चाहिए। मैंने पहले घर में ही आस-पास के लोगों के कपड़े सिलने शुरू किए। धीरे-धीरे कस्टमर बढ़ते गए तो मुझे लगा कि एक दुकान खोल देनी चाहिए।” 

shantanu bhowmick

पढ़िए कैसे इस वैज्ञानिक की खोज ने बचाए सेना के 200 अरब रुपये

14 September 2019

किसी भी देश के लिए उसके वैज्ञानिक और शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह एक ऐसा तबका है, समाज और देश को आगे बढ़ाने का काम करता है। आज हम आपको एक ऐसे ही वैज्ञानिक के बारे में बताएंगे, जिन्होंने अपने प्रयोगों और असाधारण खोज से भारतीय सेना के करीब 20000 करोड़ रुपये बचाए हैं। यह वैज्ञानिक प्रोफेसर शांतनु भौमिक हैं, जिन्होंने कई ऐसी तकनीक ईजाद की हैं, जो आज भारतीय सेना के काफी काम आ रही हैं।

ganesha aarti

गुजरात में हेलमेट पहनकर लोगों ने उतारी गणेश जी की आरती, दिया ये संदेश

13 September 2019

पूरे देश के अलग-अलग राज्यों में बड़े धूम-धमाके के साथ गणेश विर्सजन किया गया, जगह-जगह रखी गई गणेश प्रतिमाओं को विसर्जित करते हुए लोगों ने बप्पा से अगले बरस दोबारा आने की विनती के साथ विदा दी। इसी बीच सूरत में मूर्ति विसर्जन से पहले भक्तों ने गणपति की हेलमेट पहनकर आरती उतारी और लोगों को यातायात के नियम एक बार फिर याद दिलाए। सूरत के वेसुना नंदनी वन गणेश मंडल के लोगों हेलमेट के महत्व को समझाने के लिए ये अनोखा तरीका निकाला। मंडल में लगभग 50 लोगों ने हेलमेट पहनकर आरती उतारी और एक सकारात्मक संदेश देने की कोशिश की। ये अनोखा तरीका लोगों को पसंद भी आया। बता दें कि देश में मोटर-व्हीकल का नया कानून लागू हो चुका है। कई राज्यों ने इसे अपना भी लिया है और कई जगहों पर ये जल्द ही लागू हो जाएगा।  इस कानून को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, लेकिन कई लोग अब नियमों का पालन करते हुए भी दिख रहे हैं। हेलमेट पहनने से बड़े हादसों में भी आपकी जान बच सकती है, इस बात को समझाने के लिए सरकार लगातार कोशिश कर रही है। लेकिन अब नए कानून के डर से लोगों को इसका पालन करना ही पड़ेगा। 

javed khan si

मिसाल: मुस्लिम एसआई ने मंदिर में जलाभिषेक कर निभाई ड्यूटी

06 September 2019

देश में जितनी धर्म को लेकर लड़ाई-झगड़े की खबरें आती हैं, उससे अलग आपसी सद्भाव की मिसाल देखने को भी मिलती हैं। यही कारण है कि भारत में विभिन्न धर्म के लोग मिलजुल कर रहते हैं। समय-समय पर कुछ लोग धार्मिक सद्भाव बिगाड़ने वालों को करारा जवाब देते हैं। ऐसा ही एक मामला बरेली में देखने को मिला, जहां एक मुस्लिम सब इंस्पेक्टर ने परंपरा को निभाने के लिए अपने मजहब को बीच में नहीं आने दिया। एसआई ने दशकों पुरानी परंपरा को निभाने के लिए शिव मंदिर में जलाभिषेक किया।

traffic rules

कहीं आपका भी न कट जाए 23,000 का चालान, जानिए नए ट्रैफिक नियम

04 September 2019

मोटर व्हीकल एक्ट-2019 बदलाव के बाद 1 सितंबर से लागू हो गया है। मोदी सरकार द्वारा ट्रैफिक के नियम तोड़ने के खिलाफ बढ़े जुर्माना राशि को लेकर लोगों में अच्छी खासी नाराजगी देखी जा रही है। सोशल मीडिया पर नए मोटर व्हीकल एक्ट-2019 को लेकर तरह-तरह की बात हो रही है। इस नए एक्ट ने लोगों के बीच दहशत पैदा कर दी है। पुलिस चेकिंग से बचने के लिए अब सड़कों पर लोग डर-डरकर गाड़ी चला रहे हैं। इसकी मुख्य वजह हाल ही में 23 हजार का ठोंका गया जुर्माना है। दिल्ली के रहने वाले और गुरुग्राम की कोर्ट में काम करने वाले दिनेश मदान पर पुलिस ने नए ट्रैफिक नियमों के तहत जुर्माना लगाया है। नए नियमों के तहत उन पर 23 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने की इतनी राशि लगाएं जाने के बाद दिनेश मदान हर जगह पर चर्चा में आए है। दिनेश की 2015 मॉडल की स्कूटी की कीमत बाजार में महज 15,000 रुपये है। दिनेश मदान पर भारी जुर्माना ठोंके जाने के बाद नए ट्रैफिक नियम के खिलाफ आवाज उठने लगी है।

sonali Banerjee

पढ़िए सोनाली बनर्जी के पहली महिला मरीन इंजीनियर बनने की पीछे की कहानी

27 August 2019

हमारे समाज में कई ऐसे काम है जिसपर सिर्फ पुरुषों का आधिपत्य माना जाता है, मरीन इंजीनियरिंग भी इनमें से एक ऐसा ही प्रोफेशन है। इसमें महिलाएं कम ही अपना करियर बनाती हैं या यूं कहें सोचती ही नहीं थी। लेकिन सोनाली ने न सिर्फ लीक से हटकर इस प्रोफेशन को चुना बल्कि खुद को साबित करके भी दिखाया। सोनाली को बचपन से ही संमदर और जहाजों पसंद थे लेकिन इसमें करियर कैसे बनाएं इस बात की जानकारी उन्हें अपने अंकल से मिली। सोनाली के अंकल नौसेना में थे और उनसे ही प्रेरणा लेकर सोनाली ने भी मरीन इंजीनियरिंग में दाखिला लिया। सोनाली ने वर्ष 1995 में IIT का एंट्रेंस एग्जाम दिया और मरीन इंजीनियरिंग कोर्स में दाखिला लिया। उन्होंने कोलकाता के पास तरातला स्थित मरीन इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (MERI) से ये कोर्स पूरा किया। 

सोसाइटी से

अन्य खबरें

अनुच्छेद 370 के बारे में वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है

सुषमा स्वराज का निधन, अचानक मृत्यु से पूरे देश में उठी शोक की लहर

राहुल गांधी बोले, न खातों में आए 15 लाख, न मिले 6 हजार, बस झूठ बोल रहे हैं मोदी जी

हरियाणा: हवा का रुख साफ है, हरियाणा में बनने वाला है नया इतिहास : मोदी

डॉ एपीजी अब्दुल कलाम: बचपन में अखबार बेचने से लेकर राष्ट्रपति बनने तक का सफर

सब्सक्राइब न्यूज़लेटर