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सोसाइटी

mamta ankit youtube channel

इस टीचर ने अपने खर्चे से सरकारी स्कूल की कायापलट दी, PM ने भी की तारीफ

13 August 2020

कहते हैं एक अच्छा शिक्षक बच्चों का भविष्य संवार सकता है और ये बात 100 फीसद सच है। कई ऐसे टीचर भी हैं जो अपने अनोखे प्रयासों से स्कूलों की कायापलट देते हैं। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक ऐसी ही टीचर है ममता मिश्रा (Mamta mishra) जो बच्चों को सिर्फ नौकरी के लिए नहीं पढ़ाती बल्कि दिल से पढ़ाती हैं। प्रयागराज के विकासखंड चाका में रहने वाली ममता मिश्रा एक टीचर हैं और उनके पढ़ाने का तरीका बिल्कुल अलग हैं। अंदाज कुछ ऐसा हैं कि हर कोई मुरीद हो जाए। ममता एक इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ाती हैं। वो पढ़ाने में नए-नए इनोवेशन तलाशती हैं और सही कारण है कि प्रधानमंत्री मोदी को भी उनका ये अंदाज भा गया। उन्होंने न सिर्फ ममता के पढ़ाने की तारीफ की थी बल्कि ‘मन की बात’(Mann ki baat) में भी उनका जिक्र किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने ममता को एक प्रोत्साहन पत्र भी लिखकर दिया जिससे उनका मनोबल और बढ़ सके। 

rajiv tyagi

'कार्डियक अरेस्ट' से मशहूर हस्तियों की हुयी मौत, जानिए हार्ट अटैक से कितना अलग है ये

13 August 2020

काँग्रेस (congress) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव त्यागी (rajiv tyagi) की बीती शाम हार्ट अटैक (Heart attack) से मौत हो गई। राजीव कोरोना (corona) के चलते अपने घर से ही एक टीवी चैनल की डिबेट में ऑनलाइन चर्चा कर रहे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राजीव डिबेट शुरू होने के पहले से ही कुछ असहज महसूस कर रहे थे, वो बार बार पानी पी रहे थे और अपने सीने को मल रहे थे। शाम करीब पाँच बजे शुरू हुये डिबेट में राजीव (rajiv tyagi) घर के जिस कमरे से बात करते थे उस कमरे में घर का कोई सदस्य नहीं जाता था। राजीव की पत्नी बगल के कमरे में बैठकर टीवी पर राजीव को देख रहीं थी। तभी उनको राजीव की हरकतों पर कुछ शक हुआ। राजीव की पत्नी जैसे ही कमरे में पहुंची राजीव कुर्सी से गिर पड़े। उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें रात 8 बजे के आस पास म्रत घोषित कर दिया गया। बॉलीवुड (bollywood) की मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान (saroj khan), तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता (jaylalita), मशहूर अभिनेत्री श्रीदेवी (sridevi) के साथ न जाने कितने ऐसे लोगों को कार्डियक अरेस्ट (Cardiac arrest) की वजह से जान गवानी पड़ी है।

zr thiamasanga

विधायक ने कराई महिला की डिलीवरी, नदी पार कर बचाई थी एक जवान की जान

12 August 2020

आपने अक्सर लोगों को ये कहते सुना होगा कि जब तक पूरे पैसे नहीं जमा किए डॉक्टर (Doctors) ने इलाज करना नहीं शुरू किया, आजकल के डॉक्टर्स बहुत लूटने लगे हैं। नेताओं (Politicians) के बारे में भी ज्यादातर लोगों के विचार अच्छे नहीं होते। लेकिन मिजोरम (Mijoram ) के एक नेता जो पहले डॉक्टर थे, ने इस मामले में मिसाल पेश की है। मिजोरम के विधायक जेडआर थियामसंगा (Dr. ZR Thiamsanga)  ने डॉक्टर की गैरमौजूदगी में खुद एक महिला की डिलीवरी की। वह खुद विधायक बनने से पहले एक पेशेवर डॉक्टर थे।

world elephant day

World Elephant Day : यमुना किनारे है 'गजराज' का घर

12 August 2020

12 अगस्त को वर्ल्ड एलिफ़ेंट डे (world elephant day) मनाया जाता है। और इस मौके पर आज हम आपको बताते हैं यमुना किनारे रहने वाले हाथियों के बारे में। मथुरा के फरह क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग के पास ही एक चुरमुरा गाँव है। जहां 2010 में स्थापित हाथी संरक्षण केंद्र में लगभग 24 हाथी हैं।  इस संरक्षण केंद्र में हाथियों के रहने से लेकर उनके इलाज और उनकी मृत्यु के बाद स्मारक भी बनाए आते हैं। अब तक इस हाथी संरक्षण केंद्र में पाँच हाथियों की मौत हो चुकी है।यह भी पढ़ें :  लॉकडाउन में भारत में फंसी ये विदेशी महिला सीख रही है खेती 

post office

5,000 रूपए में लें Post Office की फ्रेंचाइजी, करें अच्छी कमाई

11 August 2020

कोरोना (corona) काल में बढ़ती बेरोजगारी में यदि आप कुछ अपना काम करना चाहते हैं तो आपको पोस्ट ऑफिस की फ्रेंचाइजी लेनी चाहिए। पोस्ट ऑफिस (post office) की फ्रेंचाइजी लेने वाले व्यक्ति की उम्र 18 साल से अधिक होनी चाहिए, इसके साथ ही उसका 8वीं क्लास तक पढ़ा होना अति आवश्यक है। आप पोस्ट ऑफिस (Post Office) की फ्रेंचायजी लेकर अपना खुद का बिजनेस स्टार्ट कर आत्म निर्भर बन सकते हैं।

image credit huffingtonpost

समुद्र के अंदर खेती करती हैं ये महिलाएं, अद्भुत है इनकी कला

11 August 2020

जब ज्वार कम होता है, नीले समुद्र से निकली रेत अपनी सतह पर जमने लगती है, खाली पड़े बीच पर कुछ हलचल बढ़ने लगती है, एक नया चांद निकलता है - किसवहिली (लोकल भाषा) में इसे बामवुआ कहते हैं जिसका मतलब होता है, हल्के ज्वार का समय। यहां की महिलाएं रंग-बिरंगे कपड़े पहनती हैं जिन्हें कांगा कहते हैं। हाथ में टोकरी पकड़े ये महिलाएं समुद्र के पानी में उतर कर खेती (Underwater Farming) करने की तैयारी कर रही होती हैं।

pm modi swanidhi yojna

बिना किसी गारंटी सरकार दे रही है लोन, जानिए इस योजना के बारे में सबकुछ

10 August 2020

कोरोना ने हर सेक्टर पर असर डाला है, इस दौरान कई लोगों के काम धंधे बंद हो गए हैं। ये बुरा वक्त् था हर एक बिजनेसमैन, स्टार्टअप और खासकर छोटे-छोटे धंधे करने वाले लोगों के लिए। ऐसे में सरकार ने सड़क किनारे दुकान लगाने वालों के लिए एक योजना की शुरुआत की, जिसे पीएम स्वनिधि योजना (PM Svanidhi scheme) के नाम से जाना गया। इसे कैबिनेट ने भी हरी झंडी दिखा दी। इस योजना (swanidhi yojana) से जिन लोगों के काम धंधे बिल्कुल बंद हो गए हैं उन्हें मदद मिल सकती है। इसमें सरकार छोटे मोटे धंधे करने वाले लोगों को कुछ आर्थिक सहायता देगी जिससे वो दोबारा अपने काम को पटरी पर ला सकें। ये स्कीम खासकर रेहड़ी-पटरी वाले लोगों के लिए ही है इसलिए इसे पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (swanidhi yojana) नाम भी दिया गया है। इस योजना का लाभ लगभग 50 लाख लोगों को देने का लक्ष्य है।

miss india finalist aishwarya sheoran

UPSC 2019: मिस इंडिया 2016 की फाइनलिस्ट ऐश्वर्या श्योराण अब बनेंगी अफसर

07 August 2020

यह सुनने में कितना अच्छा लगता है कि ग्लैमर की दुनिया के बीच में रह चुका कोई व्यक्ति अब अफसर बन गया है। ऐसी ही कुछ कहानी इस बार साबित हुई है यूपीएससी (UPSC 2019) की परीक्षा में। सिविल सेवा परीक्षा (CSE) के आए परिणाम में मिस इंडिया 2016 की फाइनलिस्ट ऐश्वर्या श्योराण (Miss india Finalist Aishwarya Sheoran) परीक्षा पास की है। ऐश्वर्या श्योराण (Miss india Finalist Aishwarya Sheoran) ने न सिर्फ परीक्षा पास की है, बल्कि बेहतर रैंक भी लेकर आई है। ऐश्वर्या श्योराण (Miss india Finalist Aishwarya Sheoran) ने यूपीएससी की परीक्षा में पहली ही बार में पूरे भारत में 93वां स्थान (UPSC Rank 93) हासिल करके इतिहास रच दिया है। ग्लैमर की दुनिया में रहने वाली ऐश्वर्या श्योराण (Aishwarya Sheoran) ने अफसर बनकर अपना साकार किया है। उन्हें अगर आईएएस (IAS) नहीं मिला, तो वह आईपीएस अफसर (IPS) जरुर बन जाएंगी। रिजल्ट आने के बाद कुछ उम्मीदवारों ने सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर को ज्यादा आकर्षित किया, इनमें से एक नाम राहुल मोदी का है, तो दूसरा ऐश्वर्या श्योराण (Miss india Finalist Aishwarya Sheoran) का भी हैं।

father and daughter

पिता के तौर पर बच्चों की शादी के लिए इन 5 बातों पर ध्यान दें

06 August 2020

सभी पैरेंट्स अपने बच्‍चों की पढ़ाई और उनकी शादी के लिए बचत और निवेश करने की सोचते हैं। आज हमारे समाज में शिक्षा बहुत महंगी हो गई है साथ ही लोग अब शादी पर भी बहुत पैसे खर्च करते हैं। आज हमारे समाज में बहुत बड़ी संख्‍या में लोगों को पेंशन नहीं मिलती, लेकिन खर्च बढ़ते जा रहे हैं। इन सब बातों को बताने का मतलब बस एक ही है कि अब माता-पिता को बच्‍चों की शादी के खर्च का पूरा बोझ अपने कंधों पर उठाने की जरूरत नहीं है। हालांकि भारत जैसे देश में आज भी एक पिता के लिए अपने बच्चों की शादी करना एक बड़े पहाड़ को पार करने जैसा ही है।    यह भी पढ़ें : कोरोना काल में कैसे करें अपनी इम्यूनिटी को मजबूत पैरेंट्स द्वारा अपने बच्‍चों की शादी का पूरा खर्च उठाना ये सबकी अपनी-अपनी पसंद की बात हो सकती है। लेकिन यहाँ पर चिंता की बात यह है कि अगर आप इस काम के लिए पर्याप्‍त पैसा नहीं जोड़ पाएंगे तो क्या करेंगे? रिटायरमेंट के बाद आप क्या करें जब आपके पास पैसे की तंगी हो, आज हम आपको कुछ ऐसी ही बाते बताने जा रहे हैं जिसे समझकर आप भी अपना बुढ़ापा बिगड़ने से बचा सकते है।  1. अपने बच्चे की शाही शादी करने से पहले आपको यह देख लेना चाहिए कि क्या आपने अपने रिटायरमेंट के लिए पर्याप्त पैसे की व्यवस्था की है। आपको अपने रिटायरमेंट के 20 साल बाद तक अपना घर, अपने घर के खर्चों को संभालने के लिए पैसे की जरूरत पड़ेगी। साथ ही आपको वक्त के बीतने के साथ ही बढ़ती हुयी महंगाई पर भी ध्यान देना होगा। साथ ही इस बात पर भी ध्यान देना होगा कि यदि आपकी असमय मौत होती है तो आपकी जीवनसाथी आर्थिक रूप से सुरक्षित रहे। यदि आप इन सभी बातों को पूरा करते हैं तो ही आपको अपने बच्चे की शादी के लिए बचत करनी चाहिए।  2. बढ़ती उम्र के साथ ही कई बीमारियाँ भी हो जाती है, क्या आपने उन बीमारियों के लिए अपनी कोई चिकित्सा खर्चों की योजना बनाई है? अस्पतालों में इलाज का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। रिटायरमेंट के बाद चिकित्‍सा आवश्‍यकताएं बढ़ ही जाती हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुये आपको पर्याप्त हेल्‍थ कवर या फिर अलग से एक बड़ी एकमुश्‍त राशि रखनी चाहिए। और अगर आपके पास किसी प्रकार की हैल्थ पॉलिसी है तो आपको उसके हर साल के प्रीमियम के लिए एक बड़ी रकम की जरूरत पड़ेगी। यह भी पढ़ें :  लॉकडाउन में भारत में फंसी ये विदेशी महिला सीख रही है खेती 3. क्या आपके बच्चे जॉब में हैं, क्या उनकी आय एक निश्चित आय है, क्या वे आत्मनिर्भर है? एक माता पिता होने के नाते आपका पहला कर्तव्य होता है अपने बच्चों को पढ़ाना। ताकि बच्चे आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो सकें। यदि आपने ये सब काम पूरा कर लिया है तो वे यानि आपके बच्चे अपनी शादी के लिए खुद बचत कर सकते हैं। रिटायरमेंट सेविंग में दिक्कतों का सामना करने वाले माता-पिता को अपने बच्चों को उसी दिन से शादी के लिए पैसा इकठ्ठा करने की सलाह देनी चाहिए जिस दिन से उनका बच्चा नौकरी करने लगता है। आपसे बच्चों की शादी के लिए जो बन पड़े वो करिए लेकिन शादी के लिए बच्चों को ही खर्च उठाने दीजिये। 4. रिटायरमेंट के बाद आपको अपने हाथ पर काबू न करना पड़े इसके लिए आपको शुरू से सोचना होगा। यदि आपके पास अपने रिटायरमेंट के लिए पर्याप्त पैसा नहीं है तो बच्चों को शादी के लिए लोन लेने के लिए कहें। क्यों कि बच्चे धीरे धीरे उस लोन को चुका भी सकते हैं लेकिन आप बिना आमदनी के उसे कैसे चुकाएंगे। बुढ़ापे में आपको अपने बच्चों की दया का सहारा न बनना पड़े इसके लिए आपको आर्थिक रूप से स्वतंत्र होना अति आवश्यक है। आप ऐसे सोचे कि बुढ़ापे में आपको बच्चों का साथ मिल भी सकता है और नहीं भी। इसलिए शादी के लिए बच्चों को लोन लेने दीजिये।     UPSC 2019: तैयारी कराने के लिए पिता ने बेचा था मकान, अब बेटा बना आईएएस अफसर 5. आप अपने बच्चों की शादी में भले ही उनका आर्थिक सहयोग न कर सकें लेकिन आप उनके लिए और भी दूसरे काम कर सकते हैं। आप बेटे या बेटी की शादी के लिए कुछ खर्च को उठा सकते हैं। जैसे ज्‍वेलरी वगैरह खरीद सकते हैं। अगर आप ये भी करने में सक्षम नहीं है तो आप बच्चों को शादी की योजना बनाने में उनको अच्छे आइडिया और अपने अनुभव दे सकते हैं।

sadhna top

10 हजार फीट ऊंचे साधना टॉप पर हुई महिला सैनिकों की तैनाती, तस्करी पर लगा रहीं लगाम

06 August 2020

देश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब एलओसी पर महिला जवानों की तैनाती हुई हो। दस हजार फीट की ऊंचाई पर उत्तरी कश्मीर के तंगधार सेक्टर में पाकिस्तान से सटी एलओसी के करीब इन महिला जवानों की तैनाती हुई है। यह जगह साधना टॉप है जो सबसे संवेदनशील इलाकों में आता है। यहां एक महिला अधिकारी की लीडरशिप में 6 अन्य महिला सैनिक नशे और हथियारों की तस्करी रोकने के लिए तैनात की गई हैं जो असम राइफल्स की हैं और डेप्युटेशन पर आई हैं। जिस साधना टॉप पर यह महिला प्लाटून तैनात है, इसका अपना इतिहास है। पाकिस्तान के साथ 1965 की जंग में सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री साधना यहां आई थीं और तब से इस जगह का नाम साधना टॉप रखा गया।

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