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सोसाइटी

BSF constable Jitendra Singh

जवान ने शादी में 11 लाख रुपए दहेज लेने से इनकार कर पेश की मिसाल

16 November 2019

दहेज की वजह से अक्सर शादियां टूटने, बारात लौटने की खबरें आपने सुनी होंगी लेकिन जयपुर का ये केस बिल्कुल अलग है। यहां के एक बीएसएफ जवान ने शादी में दहेज मिल रहे 11 लाख रुपए कैश को लेने से मना कर दिया। ये दहेज प्रथा के खिलाफ एक मिसाल है। जयपुर के अम्बा बारी इलाके में रहने वाले जवान जितेन्द्र सिंह ने दहेज की जगह दुल्हन के माता-पिता से शगुन के रूप में सिर्फ एक नारियल स्वीकार किया। जितेंद्र सिंह को शादी में उन्हें दी जाने वाली नगदी के बारे में जानकारी पहले से कोई जानकारी नहीं थी। दुल्हन के घर वालों ने जब जितेंद्र को नाराज़ देखा तो उन्हें लगा कि कोई कमी रह गई लेकिन जब उन्हें असली कारण पता चला, तो उनकी आंखों में ख़ुशी के आंसू छलक आए। परिवार के लोगों को इस बात का अंदाजा लग गया था कि चंचल शेखावत को इससे अच्छा वर तो मिल ही नहीं सकता। 

Darbar Sahib

श्री दरबार साहिब में अब महिलाएं भी कर सकेंगी कीर्तन, पंजाब सरकार ने दी इजाजत

15 November 2019

सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर जहां एक ओर विवाद चल रहा है वहीं दूसरी तरफ पंजाब सरकार के स्वर्ण मंदिर श्री दरबार साहिब में महिलाओं को भी शबद कीर्तन करने की इजाजत दे दी है। इस मुद्दे को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी और आखिरकार फैसला महिलाओं के पक्ष में आया। ये जेंडर भेदभाव के खिलाफ महिलाओं की एक जीत है। दरबार साहिब में महिलाओं को भी कीर्तन करने की इजाजत देने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव रखा गया है, जिसे सर्वसम्मति से पास कर दिया गया, उसके बाद अब महिलाओं को कीर्तन की अनुमति देने का फैसला श्री अकाल तख्त साहिब को करना था और उन्होंने भी महिलाओं के हक में ही फैसला दिया। यानि अब मंदिर में सिर्फ पुरूष ही नहीं बल्कि महिलाएं भी शबद कीर्तन कर सकेंगी। 

gaurav adhikari

अपनी विधवा मां के लिए वर ढूंढ रहा है ये शख्स, सोशल मीडिया पर लिखी ये बात

14 November 2019

पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के रहने वाले गौरव अधिकारी अचानक सोशल मीडिया पर सुर्खियों में छा गए और इसका कारण उनका एक फेसबुक पोस्ट था जिसमें वो अपनी विधवा मां के लिए वर तलाश रहे हैं। इसी महीने आस्था नाम की एक लड़की का भी ट्वीट वायरल हुआ था जिसमें वो अपनी 50 साल की मां के लिए सुंदर वर खोज रही थी। आस्था ने लिखा था कि उन्हें ऐसे व्यक्ति की तलाश है जो व्यवस्थित, शाकाहारी हो और शराब न पीता हो। ये पोस्ट भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी और लोगों ने आस्था की सराहना भी की थी। गौरव के पिता का निधन भी पांच साल पहले हुआ था उसके बाद से उनकी मां अकेले रह गई हैं। 

bhopal railway station

रेलवे ने कुत्ते व उसके बच्चों की जान बचाने के लिए किया रेस्क्यू ऑपरेशन

04 November 2019

रेलवे अधिकारियों ने भोपाल स्टेशन के पास एक यार्ड में रेल के ढेर के नीचे से एक कुत्ते और उसके दो नवजात पिल्लों को बचाकर मानवता की मिसाल पेश की। यह बचाव अभियान भोपाल रेलवे स्टेशन के मंडल रेल प्रबंधक उदय बोरवणकर के मागदर्शन में करीब छह घंटे तक चलाया गया और सफलता भी मिली।यह घटना 2 नवंबर की रात की है जब कुछ लोगों ने कुत्तों को जोर-जोर से रोते सुना। जानकारी के मुताबिक, भोपाल स्टेशन से कुछ ही दूरी पर रेलवे का यार्ड है। इसमें पटरियां और स्लीपर रखे हुए हैं। पटरियों के नीचे एक फीमेल डॉग, बच्चों को जन्म देते हुए फंसी हुई थी और रो रही थी। इस बेजुबान के दर्द को रेलवे के कर्मचारियों ने समझा और इसकी जानकारी वहां के DRM बोरवणकर को दी।

dhanaji jagdale

मिसाल: पड़े मिले रुपयों का बंडल लौटाया, ईनाम में ठुकरा दी 5 लाख रुपये की रकम

04 November 2019

बेईमानी और भ्रष्टाचार की खबरें आज के समय में आम हो गई हैं। ऐसे में ईमानदारी के किस्से आजकल कम ही सुनाई दे रहे हैं। इन सबके बीच महाराष्ट्र के सतारा के रहने वाले एक बेहद गरीब मजदूर ने बस स्टैंड पर पड़े मिले 40 हजार रुपये की रकम लौटाकर सभी का ध्यान खींचा है। इस मजदूर का नाम धनजी जगदाले है, जिन्होंने पड़े मिले रुपयों को उसके मालिक तक पहुंचाकर सभी का दिल जीत लिया है। इतना ही नहीं उनकी ईमानदारी से प्रभावित होकर अमेरिका के एक व्यक्ति ने उन्हें 5 लाख रुपये देने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने मना कर दिया।

Rajasthan police  Dharamveer Jakhar

राजस्थान के इस पुलिसवाले की अनोखी पहल देखकर आप भी करेंगे तारीफ

04 November 2019

कहते हैं कि कोई एक इंसान देश नहीं बदल सकता लेकिन पहल तो कर सकता है बदलाव की। हम हर दिन अपने आस-पास कई सारी बुरी चीजें होते हुए देखते हैं लेकिन चुप रहते हैं, उसे रोकने की कोई कोशिश नहीं करते क्योंकि हमें लगता है सिर्फ हमारे करने से थोड़े हो जाएगा। लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं जो दूसरों का इंतजार किए बिना अकेले ही निकल पड़ते हैं कुछ अच्छा करने जिसे किसी दूसरे के चेहरे पर मुस्कान आती है।

manju yadav haryabna

हरियाणा की इस महिला ने घूंघट के खिलाफ जंग छेड़कर पुरुष सत्ता को दी चुनौती

02 November 2019

ये बात सच है कि बदलाव एक दिन में नहीं आता लेकिन एक दिन शुरूआत करना भी तो जरूरी है। भारतीय समाज में पर्दा प्रथा आज भी महिलाओं के लिए एक बोझ बना है। यूपी, राजस्थान, हरियाणा समेत कई राज्यों के गाँवों में आज भी घूंघट को आन बान शान माना जाता है। इसे पुरुषों के प्रति उनके सम्मान दिखाने का तरीका समझा जाता है जबकि ये रिवाज सम्मान नहीं बल्कि पुरुष सत्ता को और मजबूत बनाता है। हिंदू धर्म ही नहीं बल्कि इस्लाम में भी पर्दा प्रथा को लेकर कई लोग पाबंद हैं। देश के कई राज्यों के जिले और गाँवों की महिलाएं इस प्रथा को ढो रही हैं। शहरों में ये रिवाज भले ही अब कम हो गया है लेकिन गाँवों में आज भी इसे लेकर नियम सख्त है। घर की सभी महिलाएं खासकर नई बहुओं को पर्दा करना जरूरी है। हरियाणा राज्य की एक महिला ने इसी रिवाज के खिलाफ जंग छेड़ी है। मंजू यादव हरियाणा के ही एक स्कूल में पढ़ाती हैं और उन्होंने घूंघट के खिलाफ एक कैंपेन शुरू किया है जिसके तहत वो महिलाओं को पर्दा न करने के लिए जागरूक करती हैं। इस कैंपेन में शामिल होने वाली महिलाएं एक साथ कसम खाती हैं कि वो पर्दा नहीं करेंगी और दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करेंगी, अभी इस टीम में 47 से ज्यादा महिलाएं हैं।

alirajpur

अलीराजपुर जिले में 72 साल बाद पहुंची ट्रेन, लोगों ने ऐसे किया स्वागत

31 October 2019

एक सपने को पूरा होने में सदियां बीत जाती है। कुछ वैसा ही मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के वासियों के साथ हुआ। भारत में ट्रेन शुरू होने के 166 साल बाद और आजादी के 72 साल बाद मध्यप्रदेश के अलीराजपुर जिले में छुक-छुक...करती हुई ट्रेन पहुंचीं। गुजरात के छोटा उदयपुर से चलकर यहां पर पहली बार ट्रेन पहुंची। राज्यसभा सांसद नारायणभाई राठवा और छोटा उदयपुर से सांसद गीताबेन राठवा ने बुधवार को 12 बजे ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर छोटा उदयपुर रेलवे स्टेशन से रवाना किया। लगभग दो ढाई घंटे के सफर के बाद जब ट्रेन अलीराजपुर स्टेशन पर पहुंची तो वहां पर लोगों ने आतिशबाजी कर ट्रेन का स्वागत किया और पहली बार स्टेशन पर ट्रेन का हॉर्न बजने की वजह से खुशी से झूम उठे।

adam hary

ट्रांसजेंडर होने की वजह से हुआ था बेघर, अब उड़ाएगा विमान

26 October 2019

हम कितनी भी तरक्की कर लें लेकिन कुछ मुद्दों को लेकर हमारे समाज की सोच आज भी नहीं बदल पाई है जैसे ट्रांसजेंडर्स को अपने बराबर समझने से हम आज भी इंकार कर देते हैं जबकि कानून इन्हें वो सारे अधिकार दे चुका है। अपनी पहचान से संघर्ष करने के बाद केरल के रहने वाले एडम हैरी देश के पहले ट्रांसजेंडर कॉमर्शियल पायलट होंगे क्योंकि उन्होंने हालातों से हारने के बजाय उससे संघर्ष करने की ठानी।हैरी देश के पहले ट्रांसजेंडर पायलट बनने जा रहे हैं लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने से पहले उनका सफर कितने मुश्किल और संघर्ष से भरा था इस बात का अंदाजा कोई नहीं लगा सकता। हैरी हमेशा से पायलट बनना चाहते हैं वो अपना सपना पूरा करने के साथ-साथ अपने जैसे तमाम लोगों के लिए एक मिसाल भी कायम करना चाहते थे। अब उनके पास प्राइवेट पायलट लाइसेंस है जो उन्हें 2017 में जोह्सबर्ग में ट्रेनिंग के बाद मिला। लेकिन यात्री विमान उड़ाने के लिए उन्हें कमर्शियल लाइसेंस की जरूरत है और यही उनका अगला लक्ष्य है।

odisha couple gets marrie

मिसाल: संविधान की शपथ लेकर की शादी, रक्तदान शिविर भी लगवाया

24 October 2019

शादी एक ऐसा इवेंट है जो इसे करने वाले लोगों के लिए बेहद खास होता है। शादी के लम्हे को यादगार बनाने के लिए लोग अक्सर तमाम प्रयोग करते रहते हैं। कभी कोई पानी के नीचे शादी करता है तो कोई हवाई जहाज में। ऐसे ही अनूठे तरीके शादी करने का मामला ओडिशा से सामने आ रहा है। यहां शादी को यादगार बनाने के लिए नए जोड़े ने फेरे लेने के बजाय संविधान की शपथ ली है। साथ ही इस मौके पर रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया है।

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