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'नवाबों के शहर' लखनऊ के बारे में ये बातें जानते हैं आप?

बड़ा इमामबाड़ा

बड़ा इमामबाड़ा

इस इमामबाड़े का निर्माण आसफउद्दौला ने 1784 में अकाल राहत परियोजना के अन्तर्गत करवाया था। यह विशाल गुम्बदनुमा हॉल 50 मीटर लंबा और 15 मीटर ऊंचा है। यहां एक अनोखी भूल भुलैया है। इस इमामबाड़े में एक असफी मस्जिद भी है जहां गैर मुस्लिम लोगों के प्रवेश की अनुमति नहीं है। मस्जिद परिसर के आंगन में दो ऊंची मीनारें हैं। 

छोटा इमामबाड़ा

छोटा इमामबाड़ा

इसके अलावा छोटा इमामबाड़ा, जिसका असली नाम हुसैनाबाद इमामबाड़ा है मोहम्मद अली शाह की रचना है जिसका निर्माण 1837 में किया गया था। इसे छोटा इमामबाड़ा भी कहा जाता है।

सआदत अली का मकबरा

सआदत अली का मकबरा

यह अवध वास्तुकला का शानदार उदाहरण है। मकबरे की शानदार छत और गुंबद इसकी खासियत है। लखनऊ शहर के बीच से गोमती नदी बहती है, जो लखनऊ की संस्कृति का हिस्सा है। मकबरे की शानदार छत और गुम्बद इसकी खासियत हैं। ये दोनों मकबरे जुड़वां लगते हैं। 

रूमी दरवाजा

रूमी दरवाजा

बड़ा इमामबाड़ा के निकट 60 फीट ऊंचा रूमी दरवाजा है। जिसे नवाब आसफउद्दौला ने 1783 बनवाया। अवध की वास्तुकला के प्रतीक इस दरवाजे को तुर्किश गेटवे कहा जाता है। यहां का रूमी दरवाजा जो शिल्पकारी का एक नायाब नमूना है। 

छतर मंजिल

छतर मंजिल

छतर मंजिल लखनऊ का एक ऐतिहासिक भवन है। इसके निर्माण का प्रारंभ नवाब ग़ाज़ीउद्दीन हैदर ने किया और उनकी मृत्यु के बाद उनके उत्तराधिकारी नवाब नासिरुद्दीन हैदर ने इसको पूरा करवाया। इस दुमंज़िली इमारत का मुख्य कक्ष दुमंज़िली ऊंचाई का है और उसके ऊपर एक विशाल सुनहरी छतरी है जो दूर से देखी जा सकती है। इस छतरी के कारण ही इस भवन का नाम छतर मंज़िल पड़ा है।

घंटाघर

घंटाघर

लखनऊ का घंटाघर भारत का सबसे ऊंचा घंटाघर है। हुसैनाबाद इमामबाड़े के घंटाघर के समीप 19वीं शताब्दी में बनी एक पिक्चर गैलरी है। यहां लखनऊ के लगभग सभी नवाबों की तस्वीरें देखी जा सकती हैं।

चौक बाजार

चौक बाजार

पुराने लखनऊ में चौक का बाजार प्रमुख है। यह चिकन के कारीगरों और बाजारों के लिए प्रसिद्ध है। यह इलाका अपने चिकन के दुकानों व मिठाइयों की दुकाने की वजह से मशहूर है। चौक में नक्खास बाजार भी है। यहां का अमीनाबाद दिल्ली के चांदनी चौक की तरह का बाज़ार है जो शहर के बीच स्थित है। यहां थोक का सामान, महिलाओं का सजावटी सामान, वस्त्राभूषण आदि का बड़ा एवं पुराना बाज़ार है। 

टुंडे का कबाब

टुंडे का कबाब

अमीनाबाद का टुंडा कबाब। जहां नॉनवेज खाने के शौकीन लोग आए बिना नहीं रहते। दुनिया भर में मशहूर यहां की चिकनकारी। मजे बड़ी मजेदार बात है कि लखनऊ ही एक ऐसा अनोखा शहर है जहां चिकन खाया भी जाता है पहना भी। 

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