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मेरी कहानी

air marshal rakesh kumar singh bhadauria became new air force chief

जानें कौन हैं राकेश भदौरिया, वायुसेना चीफ बनाने की क्या रही वजह

20 September 2019

वायुसेना के एयर मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया अब देश के नए वायुसेना चीफ होंगे। सरकार ने उनके नाम की घोषणा कर दी है। नए चीफ 30 सितम्बर को सेवानिवृत्त हो रहे एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ का स्थान लेंगे। देश के नए वायुसेना चीफ एयर मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया इस समय वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ हैं। राकेश भदौरिया ही राफेल फाइटर जेट को उड़ाने वाले देश के पहले वायुसेना पायलट हैं। उन्होंने इसी साल इसी वर्ष 12 जुलाई को फ्रांस के मोंटे डे मार्सन एयर बेस से राफेल उड़ाया था।

2.5 किलोमीटर तैरकर प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंचे मुक्केबाज ने जीता मेडल

12 August 2019

अगर दिल में कुछ कर गुजरने का जुनून हो तो हर मुश्किल छोटी पड़ जाती है। शायद यही वजह है कि मजबूत इरादों और बुलंद हौसलों के आगे किस्मत भी झुक जाती है। कुछ ऐसा ही हुआ कर्नाटक के इस मुक्केबाज के साथ। प्रदेश में आई बढ़ा के बाद आसपास की सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके बाद भी इस होनहार ने हार नहीं मानी और बेंगलुरु में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा के लिए ढाई किलोमीटर की बाधा तैरकर पार कर ली। उसके बाद वहां से ट्रेन पकड़ी और बेंगलुरु पहुंच गया। वहां न सिर्फ प्रतियोगिता में पहुंचा बल्कि मेडल भी जीता।

68 साल में 6 पासपोर्ट की मदद से नाप दिए 65 देश, ये है सुधा माहालिंगम की कहानी

03 August 2019

सुधा महालिंगम को आज भी उनकी मां की वह सीख याद है, जब बचपन में मां ने उन्हें कहा था कि अगर तुम समुद्र में नहाना चाहती हो, तो लहरों के थमने का इंतजार मत करो। समुद्र में उस वक्त उतरो, जब लहरें आपसे टकराती हैं। ठीक वैसे ही जैसे कि आप पूरी दुनिया घूमने का सपना देखते हो। इस सपने को उस वक्त पूरा करो जब तुम्हारे पास और भी काम हों, जब तुम मां बन जाओ या फिर जब तुम्हारे पास और भी दूसरी जिम्मेदारी हों क्योंकि घूमने के लिए सही समय का इंतजार नहीं किया जाता। चेन्नई की रहने वाली लड़की सुधा मां की बात इतनी ध्यान से क्यों सुन रही थी्, शायद वह खुद भी नहीं जानती थी। पर शायद यह मां की सीख का ही नतीजा है कि आज सुधा महालिंगम 68 साल की उम्र में 6 पासपोर्ट के साथ 65 देशों की यात्रा कर चुकी हैं।

इंजीनियरिंग छोड़कर किसान बना ये युवा, 300 से ज्यादा देसी सब्जियों की करता है खेती

01 August 2019

तमिलनाडु के डिंडिगुल जिले के कुटियागौंडनपुडुर गांव में अधियागई परमेश्वरन का 6 एकड़ का खेत है। यह जगह यहां के ओडनचत्रम क्षेत्र में आती है, जहां खेत की सिंचाई के लिए पानी की बहुत कमी है, लेकिन एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग छोड़कर खेती को चुनने वाले 29 साल के परमेश्वरन को इस बात का पूरा भरोसा था कि वो खेती में कुछ अच्छा करेंगे। उनका ये भरोसा पूरा भी हुआ क्योंकि वह यहां ऐसी फसल उगा रहे हैं जो इस क्षेत्र की देसी किस्में हैं और यहां सूखे की स्थिति में भी आसानी से उग सकती हैं।

जानिए, इसरो अध्यक्ष की कहानी, कैसे गरीब का बेटा बना 'रॉकेट मैन'

01 August 2019

भारत अपने महत्वाकांक्षी मिशन 'चंद्रयान-2' को सफलता पूर्वक लॉन्च कर चुका है। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से सबसे शक्तिशाली रॉकेट लॉन्चर जीएसएलवी एम-3 के जरिए चांद के सफर पर निकल चुका है। इस मिशन को कामयाब बनाकर भारत अंतरिक्ष पर अपनी छवि को बेहतर बनाने में जुटा हुआ है। अमेरिका, रूस, यूरोप, चीन और जापान के बाद भारत ऐसा छठा देश बन गया है जो कि चांद पर सॉफ्ट लैडिंग करा पाएगा। भारत चांद पर अपने कदम बड़ा रहा है। अगर चांद तक हम पहुंच रहे हैं, तो इसरो की टीम की वजह से जो कि पूरी शिद्दत के साथ जुटी रही। इस टीम को लीड कर रहे इसरो के चीफ कैलाशवडीवू सिवन यानी के. सिवन की कहानी भी किसी आश्चर्य से कम नहीं है। एक साधारण किसान परिवार में जन्मा बच्चा अपनी पढ़ाई की बदौलत इसरो के चीफ तक पहुंचा। उन्हें यहां तक पहुंचनें के लिए न जाने कितनी लंबी दूरी तय करनी पड़ी। मुश्किलों का सामना करते हुए वह यहां तक पहुंचें। 

इंजीनियरिंग पढ़ाने वाला टीचर कैसे बना भारत का अरबपति, पढ़ें पूरी स्टोरी

30 July 2019

एक टीचर भी महज 7 साल में अरबपति बन सकता है, तो सबका जवाब होगा कभी नहीं। लेकिन ऐसा कारनामा कर दिखाया है बायजू के फाउंडर और सीईओ बायजू रवींद्रन ने। एक शिक्षक के तौर पर अपना करियर शुरू करने वाले शिक्षक ने शिक्षा के क्षेत्र में ही नया प्रयोग किया और आज अरबपति बन गए है। उनकी कहानी आज हर किसी के लिए प्रेरणादायक है। टीचर की नौकरी छोड़कर एक एजुकेशन ऐप्प बनाकर कुछ नया करने की चाह रखने वाले बायजू रवींद्रन को इस ऐप्प ने ही अरबपति बना दिया है। 

कमाल की है महिला बाउंसर मेहरुन्निसा की कहानी

24 July 2019

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के बॉर्डर पर जब भी मिलिट्री एक्शंस होते थे, मेहरुन्निसा शौकत अली और छह भाई-बहन अपने घर की छत पर खड़े होकर सब कुछ बड़े ध्यान से देखते थे। उस समय उनकी मां उन्हें डांटकर नीचे बुलाती थीं और मां की बात माननी पड़ती थी। चाहे कितनी ही तेज धूप हो, मेहरुन्निसा को मिलट्री प्रेक्टिस देखना अच्छा लगता था और घंटों तक गर्मी में यूं ही खड़‍ी रहती थीं। मेहरुन्निसा और उनके भाई-बहन छत से सावधान मुद्रा में खड़े होकर, सैल्यूट करते थे और चिल्ला कर कहते थे- हम भी आ रहे हैं, एक दिन हम भी इसका हिस्सा बनेंगे।

जेएनयू में पिछले 5 साल से गार्ड रहे रामजल अब यहीं करेंगे पढ़ाई

16 July 2019

कहते हैं अगर सच्ची लगन और मेहनत से कोई काम किया जाए, तो सफलता एक दिन जरूर मिलती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में सिक्युरिटी गार्ड की नौकरी करने वाले रामजल मीणा ने। जिन्होंने अपनी मेहनत से जेएनयू की प्रवेश परीक्षा पास करके सबको चौंकना कर दिया है। 34 साल के रामजल मीणा ने जेएनयू में बीए रशियन की प्रवेश परीक्षा पास कर ली है।

बिहार के इस युवा वैज्ञानिक को नासा से बुलावा, सूर्य पर करेंगे अध्ययन

15 July 2019

केले के थंब (तना) से बिजली उत्पन्न करने के बाद 2016 में चर्चा में आए बिहार के युवा वैज्ञानिक गोपाल के खाते में एक और उपलब्धि जुड़ गई है। वह जल्द ही अमेरिका के अंतरिक्ष रिसर्च संस्थान (नासा) में अपने नए प्रोजेक्ट पर काम करेंगे। नासा ने गोपाल को नए प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए बुलावा भेजा है। गोपाल जिस प्रोजेक्ट पर काम करेंगे, उसका नाम गोपनियम एलोई। इस प्रोजेक्ट के लिए गोपाल ने नासा से संपर्क किया था।

12 साल की उम्र में इस बच्चे ने लिखी 135 किताबें, सीएम योगी की जीवनी भी शामिल

12 July 2019

जिस उम्र में बच्चे किताबों को पढ़ने से घबराते है, उस उम्र में एक बच्चे ने एक नहीं बल्कि 135 किताबें लिख डाली है। प्रतिमा के धनी इस बालक ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ऊपर भी जीवनी लिखी है। ये छात्र यूपी के अयोध्या जिले का नाम मृगेंद्र राज रहने वाला है। इस छात्र ने धर्म और जीवनी जैसे विषयों पर अबतक कुल 135 किताबें लिखी हैं। मृगेंद्र राज ने छह साल की उम्र से ही किताबों को लिखना शुरू किया था और पहली किताब का संकलन किया था। वह लेखक के तौर पर 'आज का अभिमन्यू' नाम का उपयोग करते हैं और उनके नाम कुल चार वर्ल्ड रिकॉर्ड हैं। 

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