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मेरी कहानी

सीडीएस ने नियुक्त का दिया पहला आदेश, लेफ्टिनेंट जनरल एसके सैनी बने उपसेना प्रमुख

18 January 2020

सीडीएस बनने के बाद पहली बार सीडीसी जनरल बिपिन रावत ने पहली बार खास आदेश जारी किया है। आज सीडीसी जनरल विपिन रातव की अध्यक्षता वाली कमेटी ने सैन्य मामलों के विभाग के माध्यम से वरिष्ठ सैन्य को नियुक्ति का पहला आदेश जारी किया है। आज जारी आदेश के अनुसार दक्षिण सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एसके सैनी को 25 जनवरी को नए उप सेना प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालेंगे। यह पद जनरल मनोज मुकुंद नरवणे के सेना प्रमुख बनने के बाद से खाली चल रहा था, जिस पर अब नियुक्ति दी गई है। 

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खुद पैसा कमाने की चाह में 90 साल की दादी ने 'बेसन की बर्फी' बनाकर शुरू किया स्टार्टअप

15 January 2020

मां और बेटी का रिश्ता बेहद प्यारा होता है और ये खूबसूरत कहानी उन सभी बेटियों के लिए एक प्रेरणा है, जो अपनी मांओं की इच्छा पूरी करने के लिए पूरी कोशिश लगा देती हैं। 90 साल की हरभजन कौर अपनी बेटी रवीना सूरी के साथ बैठकर जिंदगी के बारे में बात कर रही हैं। इस दिलचस्प बातचीत के दौरान रवीना अपनी मां से पूछती हैं कि क्या इस पूरी जिंदगी में उन्हें किसी बात का पछतावा रहेगा कि काश मैं ये कर पाई होती। इस पर हरभजन का जवाब था कि मुझे जीवन में ऐसे तो सबकुछ मिला लेकिन मुझे इस बात का मलाल रहेगा कि मैंने पूरी जिंदगी में कभी खुद कोई पैसे नहीं कमाएं। हरभजन कौर अमृतसर के नज़दीक तरन-तारन में जन्‍मी थी। शादी के बाद अमृतसर, लुधियाना रही और करीब दस साल पहले पति की मौत के बाद वे कुछ समय से अपनी बेटी के साथ चंडीगढ़ में रहने लगी। रवीना ने जब आगे मां से पूछा आप कैसे पैसे कमाना चाहती हैं, वो पैसा, कुछ सोचा है क्या? इसपर हरभजन ने जब अपना बिजनेस प्लान बताया तो रवीना का गला जैसे भर आया हो। मां ने कहा मैं बेसन की बर्फी बना सकती हूं। धीमी आंच पर भुने बेसन की मेरे हाथ की बर्फी के खरीददार भी मिल जाएंगे।भले ही ये बात हरभजन के लिए वहीं खत्म हो गई हो लेकिन रवीना के लिए यहां से एक नई शुरुआत होने वाली थी। रवीना अपनी मां की इस एक इच्छा को पूरी करना चाहती थीं और यहीं से शुरुआत हुई एक नए सफर की। 

28वें सेना प्रमुख बने ले. जनरल नरवणे, चीन मामलों पर है मजबूत पकड़

31 December 2019

भारतीय थलसेना के प्रमुख रहे जनरल बिपिन रावत आज सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनके सेवानिवृत्त होते ही थलेसना को नया मुखिया मिल गया है। आज थलसेना अध्यक्ष के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने कमान संभाली। जनरल बिपिन रावत का आज तीन साल बाद सेना प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हुए है और देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) नियुक्त किए गए हैं। जनरल मनोज नरवणे देश के 28वें सेना प्रमुख हैं। अभी तक मनोज मुकुंद नरवणे आर्मी के उप प्रमुख थे। आज आर्मी चीफ बनते ही वे दुनिया की सबसे ताकतवर सेनाओं में शामिल 13 लाख थल सैनिकों के मुखिया बन गए हैं। अभी तक लेफ्टिनेंट जनरल नरवणे इस्टर्न कमांड के प्रमुख थे। इस्टर्न कमांड वह है जो कि भारत-चीन की 4000 किलोमीटर लंबी सीमा की देखभाल करती है। 

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हैदराबाद कांड: 'एनकाउंटर मैन' के रूप में मशहूर हैं साइबराबाद के पुलिस कमिश्नर सज्जनार

06 December 2019

हैदराबाद में वेटरनरी डॉक्टर के रेप और मर्डर के आरोपियों को आज सुबह एनकाउंटर में मार गिराया गया है। तेलगांना पुलिस ने शुक्रवार की तड़के एनकाउंटर करके मार गिराया। वेटरनरी डॉक्टर की हत्या और रेप के आरोपियों का एनकाउंटर होने के बाद जहां तेलगांना पुलिस की तारीफ की जा रही है, तो वहीं सवाल भी उठ रहे हैं। इस मामले में सोशल मीडिया पर हीरो बने एनकाउंटर के बाद साइबराबाद पुलिस कमिश्नर सज्जनार है। सोशल मीडिया पर छाए सज्जनार को एनकाउंटर मैन के नाम से भी जाने जाते हैं। बता दें, तेलंगाना के वारंगल में इससे 11 साल पहले जब एक कॉलेज गर्ल पर तेजाब से हमला कर दिया गया था, तब भी वहां पर काफी विवाद हुआ था। उस मामले में भी उनकी ही अगुवाई में तीन आरोपियों का एनकाउंटर करके ढेर कर दिया गया था। इस मामले में छात्रा के घर पर मिलने के लिए काफी लोग पहुंचें थे। 

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बिहार की बेटी शिवांगी आज बनीं नौसेना की पहली महिला पायलट

02 December 2019

कहते है अगर हौसला हो तो आसमान में भी छेद क‍िया जा सकता है। जी हां कुछ ऐसा ही बिहार की बेटी लेफ्टिनेंट शिवांगी साबित करने जा रही है। जी हां आज का दिन भारतीय नौसेना के लिए भी ऐतिहासिकक होने जा रहा है। 4 दिसंबर को होने वाले नौसेना दिवस से महज दो दिन पहले ही 2 दिसंबर यानी आज लेफ्ट‍िनेंट शिवांगी भारतीय नौसेना की पहली महिला पायलट के रूप में नौसेना के अभियानों में शामिल होने जा रही हैं। 

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जानें कौन हैं राकेश भदौरिया, वायुसेना चीफ बनाने की क्या रही वजह

20 September 2019

वायुसेना के एयर मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया अब देश के नए वायुसेना चीफ होंगे। सरकार ने उनके नाम की घोषणा कर दी है। नए चीफ 30 सितम्बर को सेवानिवृत्त हो रहे एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ का स्थान लेंगे। देश के नए वायुसेना चीफ एयर मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया इस समय वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ हैं। राकेश भदौरिया ही राफेल फाइटर जेट को उड़ाने वाले देश के पहले वायुसेना पायलट हैं। उन्होंने इसी साल इसी वर्ष 12 जुलाई को फ्रांस के मोंटे डे मार्सन एयर बेस से राफेल उड़ाया था।

2.5 किलोमीटर तैरकर प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंचे मुक्केबाज ने जीता मेडल

12 August 2019

अगर दिल में कुछ कर गुजरने का जुनून हो तो हर मुश्किल छोटी पड़ जाती है। शायद यही वजह है कि मजबूत इरादों और बुलंद हौसलों के आगे किस्मत भी झुक जाती है। कुछ ऐसा ही हुआ कर्नाटक के इस मुक्केबाज के साथ। प्रदेश में आई बढ़ा के बाद आसपास की सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके बाद भी इस होनहार ने हार नहीं मानी और बेंगलुरु में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा के लिए ढाई किलोमीटर की बाधा तैरकर पार कर ली। उसके बाद वहां से ट्रेन पकड़ी और बेंगलुरु पहुंच गया। वहां न सिर्फ प्रतियोगिता में पहुंचा बल्कि मेडल भी जीता।

68 साल में 6 पासपोर्ट की मदद से नाप दिए 65 देश, ये है सुधा माहालिंगम की कहानी

03 August 2019

सुधा महालिंगम को आज भी उनकी मां की वह सीख याद है, जब बचपन में मां ने उन्हें कहा था कि अगर तुम समुद्र में नहाना चाहती हो, तो लहरों के थमने का इंतजार मत करो। समुद्र में उस वक्त उतरो, जब लहरें आपसे टकराती हैं। ठीक वैसे ही जैसे कि आप पूरी दुनिया घूमने का सपना देखते हो। इस सपने को उस वक्त पूरा करो जब तुम्हारे पास और भी काम हों, जब तुम मां बन जाओ या फिर जब तुम्हारे पास और भी दूसरी जिम्मेदारी हों क्योंकि घूमने के लिए सही समय का इंतजार नहीं किया जाता। चेन्नई की रहने वाली लड़की सुधा मां की बात इतनी ध्यान से क्यों सुन रही थी्, शायद वह खुद भी नहीं जानती थी। पर शायद यह मां की सीख का ही नतीजा है कि आज सुधा महालिंगम 68 साल की उम्र में 6 पासपोर्ट के साथ 65 देशों की यात्रा कर चुकी हैं।

इंजीनियरिंग छोड़कर किसान बना ये युवा, 300 से ज्यादा देसी सब्जियों की करता है खेती

01 August 2019

तमिलनाडु के डिंडिगुल जिले के कुटियागौंडनपुडुर गांव में अधियागई परमेश्वरन का 6 एकड़ का खेत है। यह जगह यहां के ओडनचत्रम क्षेत्र में आती है, जहां खेत की सिंचाई के लिए पानी की बहुत कमी है, लेकिन एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग छोड़कर खेती को चुनने वाले 29 साल के परमेश्वरन को इस बात का पूरा भरोसा था कि वो खेती में कुछ अच्छा करेंगे। उनका ये भरोसा पूरा भी हुआ क्योंकि वह यहां ऐसी फसल उगा रहे हैं जो इस क्षेत्र की देसी किस्में हैं और यहां सूखे की स्थिति में भी आसानी से उग सकती हैं।

जानिए, इसरो अध्यक्ष की कहानी, कैसे गरीब का बेटा बना 'रॉकेट मैन'

01 August 2019

भारत अपने महत्वाकांक्षी मिशन 'चंद्रयान-2' को सफलता पूर्वक लॉन्च कर चुका है। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से सबसे शक्तिशाली रॉकेट लॉन्चर जीएसएलवी एम-3 के जरिए चांद के सफर पर निकल चुका है। इस मिशन को कामयाब बनाकर भारत अंतरिक्ष पर अपनी छवि को बेहतर बनाने में जुटा हुआ है। अमेरिका, रूस, यूरोप, चीन और जापान के बाद भारत ऐसा छठा देश बन गया है जो कि चांद पर सॉफ्ट लैडिंग करा पाएगा। भारत चांद पर अपने कदम बड़ा रहा है। अगर चांद तक हम पहुंच रहे हैं, तो इसरो की टीम की वजह से जो कि पूरी शिद्दत के साथ जुटी रही। इस टीम को लीड कर रहे इसरो के चीफ कैलाशवडीवू सिवन यानी के. सिवन की कहानी भी किसी आश्चर्य से कम नहीं है। एक साधारण किसान परिवार में जन्मा बच्चा अपनी पढ़ाई की बदौलत इसरो के चीफ तक पहुंचा। उन्हें यहां तक पहुंचनें के लिए न जाने कितनी लंबी दूरी तय करनी पड़ी। मुश्किलों का सामना करते हुए वह यहां तक पहुंचें। 

सोसाइटी से

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