उत्तर प्रदेश में 69 हजार शिक्षकों की भर्ती (69000 Assistant Teachers) पर आखिरकार यूपी सरकार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से भी हरी झंडी मिल गई है। इस तरह से बुधवार को परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 69000 सहायक अध्यापक भर्ती (69000 Assistant Teachers) की कटऑफ का विवाद पूरी तरह से समाप्त हो गया है। देश की शीर्ष अदालत (Supreme Court) ने भी बुधवार को आखिरकार सरकार के फैसले को सही ठहराते हुए सरकार को भर्ती (69000 Assistant Teachers) करने की अनुमति दे दी है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शिक्षक भर्ती को 60/65 प्रतिशत की कटऑफ पर ही कराने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने इसी के साथ में शिक्षामित्रों (Shiksha Mitra) को भी अगली शिक्षक भर्ती (69000 Assistant Teachers) में एक और मौका देने की बात कहीं है। ऐसे में अब शिक्षामित्रों (Shiksha Mitra) की भविष्य की संभावनाएं समाप्त नहीं हुई है। वह इस भर्ती में भले ही शिक्षक न बन पाए हो, लेकिन अगली भर्ती (69000 Assistant Teachers) में शिक्षक बनने का मौका मिल सकता है।

सरकार ने कोर्ट में कहीं थी ये बात

उत्तर प्रदेश सरकार  की तरफ से कटऑफ के मुद्दे को लेकर कुछ जानकारी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में दी थी। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में 12 जून को दाखिल इंटरक्यूलेटरी एप्लीकेशन में शीर्ष कोर्ट को यह जानकारी दी थी कि इस शिक्षक भर्ती  के बाद भी उत्तर प्रदेश में शिक्षकों के 51,112 पद खाली है। यदि कोर्ट 60/65 कटऑफ पर नियुक्ति की अनुमति देती है तो शिक्षामित्रों (Shiksha Mitra) का हित प्रभावित नहीं होगा और इन रिक्त पदों पर उन्हें भर्ती होने का मौका दिया जाएगा। अब जबकि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शिक्षामित्रों (Shiksha Mitra) को एक और मौका देने के आदेश दिया है तो शिक्षकों के रिक्त 51,112 पदों पर शिक्षामित्रों (Shiksha Mitra) को अवसर मिलने की संभावना प्रबल हो गई है।

इतने शिक्षामित्रों (Shiksha Mitra) ने किया था आवेदन

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2018 में निकाली गई 69,000 शिक्षकों की भर्ती (69000 Assistant Teachers) में प्रदेश के कुल 45,357 शिक्षामित्रों (Shiksha Mitra) ने आवेदन किया था। इनमें से सामान्य वर्ग के कुल 1,561 शिक्षामित्रों (Shiksha Mitra) ने 65 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के 6,457 ने 60 प्रतिशत या अधिक अंक हासिल किए थे। इस तरह से कुल पास हुए 8,018 शिक्षामित्रों (Shiksha Mitra) को भर्ती के पहले चरण 31,277 शिक्षक भर्ती (69000 Assistant Teachers) में नियुक्ति दी जा चुकी है। वहीं, अभी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेशानुसार ही 37 हजार से अधिक पदों को आरक्षित किया गया था। 

इस शिक्षक भर्ती (69000 Assistant Teachers) में 60 और 65 प्रतिशत के कटऑफ पर पास होने वाले में सामान्य वर्ग के 9,386 शिक्षामित्रों (Shiksha Mitra) को 45 से 65 जबकि आरक्षित वर्ग के 23,243 को 40 से 60 प्रतिशत के ही बीच में अंक मिले थे। इसकी वजह से इन शिक्षकों ने भर्ती (69000 Assistant Teachers) के लिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में मुहर लगाईथी। इन्हीं शिक्षामित्रों (Shiksha Mitra) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करके 40/45 कटऑफ पर भर्ती करने का अनुरोध किया था। बता दें, इस समय उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में कुल 1,52,330 शिक्षामित्र (Shiksha Mitra) कार्यरत हैं।

लाखों शिक्षामित्र में से सिर्फ 15 हजार ही बने शिक्षक

उत्तर प्रदेश में 69 हजार सहायक अध्यापकों की शिक्षक भर्ती (69000 Assistant Teachers) में इस में लगभग आठ हजार शिक्षामित्रों (Shiksha Mitra) को ही तैनाती मिली है। जबकि वर्ष 2017 में जब शिक्षामित्रों (Shiksha Mitra) का समायोजन निरस्त किया गया था, उस समय विद्यालयों में कुल 1.37 लाख शिक्षामित्र (Shiksha Mitra) कार्यरत थे। बिना टीईटी सहायक अध्यापक के पर समायोजित लाखों शिक्षामित्रों (Shiksha Mitra) का समायोजन सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने जुलाई 2017 में निरस्त कर दिया था। इसके बाद सरकार ने उन्हें बर्खास्त करते हुए दो भर्तियों में मौका दिए जाने की बात कहीं थी। 

सरकार ने इसके बदले में उन्हें 25 अंकों का भारांक भी दिया था ताकि शिक्षामित्र (Shiksha Mitra) नौकरी पा सकें। इस भर्ती को निरस्त करने के बाद प्रदेश सरकार ने पहले 68,500 सहायक अध्यापकों की भर्ती (68500 Assistant Teachers) निकाली थी, जिसमें 7 हजार शिक्षामित्रों (Shiksha Mitra) का ही चयन हुआ था। इसके बाद में 69000 शिक्षकों की भर्ती (69000 Assistant Teachers) निकाली गई, जिसमें 8,018 शिक्षामित्रों (Shiksha Mitra) को मौका दिया गया है। इस प्रकार 1.22 लाख शिक्षामित्र (Shiksha Mitra) अभी भी सहायक अध्यापक (69000 Assistant Teachers) पद पर बहाल नहीं हो सके हैं। 

बुधवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेश बाद एक बार फिर से उन्हें भर्ती (69000 Assistant Teachers) का मौका मिलेगा, इससे प्रदेश के ये लाखों शिक्षामित्र (Shiksha Mitra) आवेदन कर सकें। बता दें, परीक्षा नियामक प्राधिकारी फरवरी 2021 के अंत तक में टीईटी परीक्षा (TET Exam) की तैयारी कर रहा है। ऐसे में शिक्षामित्रों (Shiksha Mitra) के लिए यह अंतिम अवसर होगा की टीईटी (TET) पास करते हुए सहायक अध्यापक की नौकरी हासिल कर लें। उन्हें ये नौकरी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेश के बाद ही मिलेगी।

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