त्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के सपनों पर विराम पर नकलमाफिया लगा रहे हैं। दिन-रात मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के हाथों में भले ही नौकरी न आती हो, लेकिन नकलमाफिया पैसा लेकर उनकी मेहनत पर पानी जरूर फेर दे रहे हैं। पैसा लेकर यहां पर पास कराने की रवायत यहां पर काफी लम्बे समय से चली आ रही है। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में इन दिनों चल रही 69000 शिक्षक भर्ती में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिला, जिसमें हजारों अभ्यर्थियों के सपनों पर विराम नकलमाफियाओं ने लगा दिया। 

पर्चा लीक कराकर अपने छात्रों को पास कराने के लिए इन लोगों ने हर तरीके को अपनाया। भर्ती (69000 Assistant Teachers) में किस तरह से टॉपर (Toppers) बनने है, उसकी पोल खुल चुकी है। इस भर्ती में शामिल गैंग में से कुछ सदस्यों को पुलिस ने पकड़कर जेल भी भेज दिया है, लेकिन अभी भी कई लोगों को पुलिस गिरफ्तार ही नहीं कर पाई है। इन अभ्यर्थियों की योग्यता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि टॉपर को भारत (India) के राष्ट्रपति तक का नाम नहीं मालूम हैं। इस गैंग में शामिल मायापति दुबे (Mayapti Dube) को अभी पुलिस गिरफ्तार भी नहीं कर पा रही है। पुलिस सिर्फ मायापति ही नहीं बल्कि चंद्रमा यादव और प्रधान श्रवण दुबे को भी गिरफ्तार नहीं कर पा रही है। ऐसा कहा जा रहा है कि मायापति दुबे ने इस भर्ती में सिर्फ एक दो नहीं बल्कि 2,300 से अधिक लोगों को नकल कराकर पास कराया है। इस समय सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल ऑडियो में उसकी हकीकत को बताया जा रहा है।

मायापति दुबे पर गंभीर आरोप

उत्तर प्रदेश में 69 हजार शिक्षकों की भर्ती (UP 69000 Assistant Teacher Recruitment) में अभी भी बड़े-बड़े नकलमाफिया पुलिस और एसटीएफ की पकड़ से दूर है। इस शिक्षक भर्ती (69000 Assistant Teachers) में घोटाला कराने वालों की तलाश लगातार पुलिस कर रही है, लेकिन अभी तक उनकी गिरफ्तारी नहीं कर पाई है। गैंग में शामिल मायापति दुबे को अभी तक पुलिस और एसटीएफ (STF) गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

मायापति और उसके भाई सहित चंद्रमा यादव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है, लेकिन अभी तक पुलिस को कुछ खास हासिल नहीं हुआ है। यह लोग कहां छिपे हुए हैं, इसका अभी तक पुलिस को कोई सुराग भी नहीं लगा है। इस मामले में एसटीएफ (STF) भले ही गिरफ्तार न कर पाई हो, लेकिन इस समय मायापति दूबे के नाम का एक ऑडियो खूब वायरल हो रहा है।

वायरल हो रहे ऑडियो में यह बताया गया है कि किस तरह से धांधली मायापति दुबे और उनके साथ के लोगों ने भर्ती (UP 69000 Assistant Teacher Recruitment) में कराई है। ऐसा कहा जा रहा है कि मायापति ने भदोही से लेकर मऊ, बनारस, आजमगढ़ और प्रयागराज तक में पेपर को बेचा है, ऐसा कहा जा रहा है कि मायापति ने एक दो नहीं बल्कि 2,300 लोगों को पेपर बेचा है। 

गैंग तक आखिर क्यों नहीं पहुंच पा रही एसटीएफ

69 हजार शिक्षक भर्ती (69000 Assistant Teachers) में जिस तरह की धांधली हुई है, उससे अभी वाकिफ है। इस भर्ती (69000 Assistant Teachers) का सबसे बड़ा सरगना अभी भी पुलिस की पहुंच से बाहर है। पुलिस (Police) और एसटीएफ (STF) भदोही से लेकर प्रयागराज तक छापेमारी कर रही है, लेकिन अभी तक इनका कोई सुराग नहीं लग पा रहा है।

एसटीएफ के अधिकारी लगातार कह रहे हैं, जल्द ही उन लोगों को पकड़ लिया जाएगा। पुलिस और एसटीएफ (STF) की थ्योरी समझ में नहीं आ रही है, जो पुलिस अपने पर आ जाए, तो सुरंग में घुसे हुए अपराधियों को भी पकड़ लेती है, वह पुलिस आखिर इस भर्ती में शामिल लोगों को क्यों नहीं पकड़ पा रही है। बता दें शिक्षक भर्ती (69000 Assistant Teachers) के घोटाले में शामिल लोगों के सत्ता पक्ष से भी ताल्लुक है। ऐसा कहा जा रहा है कि पुलिस इस घटना में कही न कही लापरवाही कर रही है, जिसकी वजह से अभी तक पुलिस नहीं पकड़ पाई है।

भदोही के धनकुबेरों में शामिल है मायापति

मायापति दुबे (Mayapati Dube) के गांव के आसपास रहने वाले लोग बताते है कि मायापति (Mayapti) ने पिछले पांच सालों में किस तरह की अकूत संपत्ति बनाई है। ऐसा कहा जाता है कि 10 साल पहले तक शून्य पर रहने वाला मायापति (Mayapti) आज करोड़ों का मालिक है। आज उसके भदोही में ईंट के भट्ठों से लेकर से अन्य कई संस्थान है। मायापति (Mayapti Dube) के वर्तमान में सिर्फ भदोही में ही नहीं बल्कि अन्य जनपदों में भी शैक्षणिक संस्थान सहित अन्य प्रतिष्ठान है।

मायापति (Mayapti Dube) ने इतनी संपत्ति महज दस साल में कैसे कमाई है, ये अभी प्रश्न है। ऐसा कहा जाता है कि मायापति (Mayapti Dube) ने पिछले 10 सालों में भर्तियों में धांधली करके ही रुपया कमाया है। मायापति (Mayapti Dube) लोगों को पास कराने का ठेका लेता था और प्रयागराज (Prayagraj) से चलने वाले गैंग के पास ही लाता था।

प्रयागराज (Prayagraj) से चलने वाला गैंग ही लोगों को पास कराता था और नौकरी दिलाता था। एक परीक्षा पास कराने के बदले में मायापति (Mayapti Dube) लोगों से लाखों रुपये की वसूली करता था। रेलवे से लेकर उत्तर प्रदेश सरकार में निकलने वाली भर्ती (69000 Assistant Teachers) में यह पूरी तरह से सक्रिय रहता था। इसका ही नतीजा रहा है कि पिछले पांच सालों में इसने अकूत संपत्ति बना ली है।

राहुल सिंह की तहरीर पर खुले राज

इस शिक्षक भर्ती (69000 Assistant Teachers) में घोटाले का राज एक व्यक्ति की वजह से ही खुला है। पुलिस (Police) ने जिस गिरोह का भंडोड़ किया है, वह प्रतापगढ़ में लालगंज थाना क्षेत्र के बहुचरा गांव निवासी राहुल सिंह की तहरीर पर हुआ है। राहुल सिंह (Rahul Singh) ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि फरवरी माह में रुद्रपति दुबे समेत अन्य लोगों से मिला और उन्होंने बताया कि किस तरह जुगाड़ से काम किया है। रुद्रपति दुबे ने बताया कि 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती (69000 Assistant Teachers) में बहुत अच्छा जुगाड़ है। अगर साढ़े आठ लाख रुपये दो तो नियुक्ति करवा देंगे। राहुल सिंह (Rahul Singh) ने 26 मई को सोरांव में अभियुक्तों को साढ़े सात लाख रुपये दिए।

रुद्रपति (Rudrapati) के साथियों ने राहुल से शैक्षणिक दस्तावेज ले लिया और कहा कि 20 और लोग हैं, जिनकी नियुक्ति करानी है। इस तरह से पैसे दे दिए, लेकिन एक जून को रिजल्ट आने के बाद राहुल का नाम नहीं था। इस तरह से उसके साथ हुई धोखाधड़ी के बाद उसने पुलिस से शिकायत की। एएसपी सोरांव केवी अशोक ने गैंग की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछा दिया। आखिरकार पुलिस ने इस भर्ती (69000 Assistant Teachers) में एक गैंग का खुलासा किया।

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