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कोरोना संकट में मददगार बनी आयुष्मान भारत योजना, जानिए इसके बारे में सबकुछ

23 May 2020

देश भर में कोरोना महामारी के संकट में गरीबों के लिए केन्द्र सरकार की कई योजनाएं संजीवनी साबित हुई हैं। इनमें से आयुष्मान भारत भी एक है। आयुष्मान भारत योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों, खासकर बीपीएल कार्डधारक को स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराना है। इस योजना की शुरुआत 21 मार्च 2018 को केंद्र सरकार की तरफ से की गई थी। 23 सितंबर 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर में इस योजना का शुभारंभ किया था, जिसके माध्यम से 10 करोड़ से ज्यादा परिवारों के लगभग 50 करोड़ लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा देने की घोषणा की थी। इस योजना के तहत आने वाले पहर परिवार को पांच लाख तक का कैशरहित स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जाता है, जिससे गंभीर बीमारियों का इलाज वो समय रहते करा सकें। योजना के तहत केंद्र सरकार आयुष्मान भारत योजना के सभी लाभार्थियों को मुफ्त में कोविड-19 की जांच और उपचार उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। 

अब कोई भी एक साथ कर सकेगा दो डिग्री के कोर्स, UGC ने दी छूट

23 May 2020

एक साथ दो-दो डिग्रियों की पढ़ाई (Education) रखने की चाहत रखने वालों के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने बहुत बड़ी राहत दी है। अब एक साल में ही दो विधाओं या एक ही विधा में दो विषयों की पढ़ाई (Two Degree Courses) कर सकेंगे। जी हां, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने छात्रों की बेहतर पढ़ाई के लिए इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है। 

vishwnath petha farmer

लॉकडाउन में नहीं बिक रहा था कद्दू, किसानों ने कर्नाटक में ही बना डाला आगरा का पेठा

22 May 2020

कोविड (Covid) ने जहां एक ओर कई किसानों की कमर तोड़ दी है उनकी फसल सही दाम पर नहीं बिक रही तो वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे भी प्रगतिशील किसान हैं जो कोई न कोई उपाय निकाल ही लेते हैं। कर्नाटक (Karnataka) के शिमोगा जिले का तीर्थहल्ली शहर कद्दृ के उत्पादन के लिए जाना जाता है। यहां के ज्यादातर किसान कद्दू ही उगाते हैं और ट्रेडर्स के जरिए दिल्ली व आगरा में इनकी बिक्री होती है। वहां इनसे पेठा और मिठाई बनाई जाती है लेकिन कोरोना के कहर में इस बार फसलों की बिक्री ही नहीं हो पा रही और किसानों की परेशानी बढ़ गई। इस बार भी तीर्थहल्ली के किसानों ने लगभग 2000 टन सफेद कद्दू उगाये लेकिन लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से वह अपनी फसल को दिल्ली और आगरा के बाजारों तक नहीं पहुंचा पाए। इसका हल निकाला तीर्थहल्ली के ही एक किसान ने। 39 वर्षीय विश्वनाथ कुंटावल्ली (Vishwanath Kuntavalli) ने दो साल पहले अपना खाद्य उद्यम, इब्बनी फ़ूड इंडस्ट्रीज शुरू किया था। उनका यह स्टार्टअप शुद्ध और बिना किसी केमिकल के इस्तेमाल से बनी मिठाइयों के लिए मशहूर है। उन्हें जब किसानों की इस परेशानी के बारे में पता चला तो उन्होंने प्रशासन से इस बारे में बात की। विश्वनाथ ने बेटर इंडिया को बताया कि लॉकडाउन के दौरान काम बंद था, लेकिन फिर प्रोसेसिंग यूनिट में आगरा पेठा बनाने की कोशिश हुई इससे किसानों को भी बाज़ार मिल जाएगा। उन्होंने आगरा पेठा बनाने के तरीके पर रिसर्च करना शुरू किया। वह बताते हैं कि उन्होंने यूट्यूब से काफी कुछ सीखा।

quarantine centre

मिसाल: मणिपुर सरकार ने ट्रांसजेंडर्स के लिए बनाया अलग क्वारंटीन सेंटर

22 May 2020

कोरोना वायरस (Corona virus) की चलते देशभर में बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हो चुके हैं। इसमें सरकार की ओर से बीमार या संदिग्ध लोगों का क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है। ये सेंटर्स पर कोविड 19 (Covid 19) प्रभावित तमाम लोगों को रखा गया है। इस दिशा में मणिपुर की सरकार (Manipur Government) ने एक उल्लेखनीय कदम उठाते हुए ट्रांसजेडर्स संक्रमितों के लिए अलग से क्वारंटीन सेंटर (Quarantine Centre) बनाया है। ये कदम सरकार ने दूसरे राज्यों में ट्रांसजेंडर्स को रही परेशानियों को देखते हुए उठाया गया है। 

इस तरह कोरोना से बचा सकते हैं अपना गांव, ग्रामीणों ने अपनाया ये तरीका

21 May 2020

देश के बड़े महानगरों और शहरों में फैला कोरोना (Coronavirus) अब गांवों की ओर बढ़ चला है। अब ग्रामीण भारत में बहुत ही तेजी के साथ में कोरोना पांव पसार रहा है। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बाराबंकी (Barabanki) और बस्ती (Basti) जिले में एक ही दिन में क्रमशः एक साथ 95 और 58 कोरोना पॉजिटिव  (Coronavirus) मरीज पाए गए हैं। गांवों में इतनी बड़ी संख्या में कोरोना (Coronavirus) मरीजों के मिलने के बाद अब सबकी चिंता बढ़ गई है। बस्ती जिले में कोरोना (Coronavirus) पॉजिटिव पाए गए सभी मरीज श्रमिक स्पेशल ट्रेन से जिले में आए थे। वहीं, बाराबंकी (Barabanki) में कोरोना पॉजिटिव (Coronavirus) पाए गए 95 केस में 49 प्रवासी कामगार हैं। ऐसे ही उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में भी कोरोना वायरस (Coronavirus) के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। मरीजों की संख्या में लगातार हो रहा इजाफा सरकार के लिए जरूर चिंता का विषय है।

जानिए क्या होती है तलाक की प्रक्रिया और क्या हैं महिला व पुरुष के अधिकार

21 May 2020

हिन्दू धर्म (Hindu Mythology) में पति और पत्नी के बीच का रिश्ता जन्म जन्मान्तरों का संबंध माना जाता है। हिन्दू धर्म में पत्नी को अर्धांगनी, धर्मपत्नी और सहधर्मिणी भी कहा गया है। बिना पत्नी के पुरूष को अपूर्ण ही माना गया है। अति प्राचीन काल से पति और पत्नी के बीच में रिश्ता अटूट माना जाता रहा है, लेकिन गई बार ऐसी स्थिति बन जाती है कि दोनों के रिश्तों के बीच में दरारें आ जाती है। दोनों एक दूसरे अलग रहने की इच्छा जाहिर करते हैं। किसी भी स्थिति में वह साथ में नहीं रहना चाहते हैं। ऐसी स्थिति में पति और पत्नी के बीच में संबंध विच्छेद करने वाली प्रक्रिया को तलाक (Ground Of Divorce) कहते हैं। 

पिता की सारथी बनी 13 साल की बेटी, गुरुग्राम से दरभंगा साइकिल पर बैठाकर लाई

20 May 2020

कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से इस समय लोगों की जिंदगी बहुत ही दिक्कत में चल रही है। लॉकडाउन (Lockdown) ने लाखों लोगों की रोजी-रोटी ले ली है, तो वहीं अब शहरों से मजदूरों पालयन भी जारी है। लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से इस समय गरीबों पर बहुत दिक्कत आई है, उन्हें दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करना बहुत ही मुश्किल हो गया है। शहर में इस तरह की आई दिक्कत से प्रवासियों को अपना ही गांव याद आया है। 

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पिता बेचते हैं घास, बेटी ने गरीबी से लड़कर हासिल किए 98.86 प्रतिशत अंक

18 May 2020

प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती। हम अक्सर ये बातें अपने बड़े-बुजुर्गों से सुनते रहते हैं। कहते हैं कि किसी लक्ष्य को पाने के लिए अगर दिल से मेहनत की जाए तो कोई बाधा भी हमें रोक नहीं सकती है। ऐसा ही एक मामला गुजरात (Gujarat) में देखने को मिला है। जहां एक बेहद ही गरीब से ताल्लुक रखने वाली छात्रा ने इंटरमीडिएट (Intermediate) की परीक्षा में सफलता के झंडे गाड़े हैं। इस छात्रा के पिता घास बेचने का काम करते हैं।

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कोरोना : लॉकडाउन के बीच नौकरी करने वालों को बड़ी राहत, मोदी सरकार ने दी छूट

16 May 2020

कोरोना (corona) से निपटने के लिए भारत सरकार (bharat sarkar) ने लॉकडाउन (lockdown) का सहारा लिया लेकिन इसके कारण भारतीय अर्थव्यवस्था (indian economy) चरमराने लगी। पीएम मोदी (pm modi) ने देश की जनता का ध्यान रखते हुये तत्काल 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज का एलान किया। साथ ही देश की जनता को इस महामारी से निपटने के लिए मिलकर लड़ने को कहा।  वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (finance minister) ने पीएम मोदी (pm modi) के एलान के बाद लगातार बताया कि कैसे कैसे सरकार किन किन क्षेत्रों मेँ मदद कर रही है। इसी क्रम में नॉन-सैलरीड पेमेंट के लिए इनमें 25 फीसदी की कटौती की गई है। फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट (FD) से ब्‍याज और डिविडेंड जैसी इनकम नॉन-सैलरीड पेमेंट में आती है। इस प्रकार की इनकम में अपने आप टीडीएस (TDS) कट जाता है।

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जानिए क्या है किसान क्रेडिट कार्ड योजना, जिसके तहत मिलेगा 2.5 करोड़ किसानों को फायदा

16 May 2020

कोरोना वायरस (Corona virus) का असर हर उद्योग धंधे, खेती और सभी सेक्टर पर पड़ा है। इसके चलते देश की आर्थिक रफ्तार भी सुस्त हुई है और दोबारा इसे मजबूत करने के लिए मोदी सरकार (Modi Government) ने कोरोना के लॉकडाउन (lockdown) के बीच में 20 लाख करोड़ के महापैकेज की घोषणा कर दी। इस आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitaraman) ने पैकेज के दूसरे किस्त की घोषणा की, जिसमें के लिए खास योजना रखी गई है। वित्त मंत्री ने इस पैकेज के तहत देश भर के 2.5 करोड़ किसानों को आने वाले दिनों में क्रेडिट कार्ड (Credit card) मुहैया कराने की घोषणा की। किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan credit card) के तहत सभी किसानों को 2 लाख करोड़ रुपए तक की राशि जारी की जाएगी। 

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