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ब्लॉग

chandra shekhar azad

पुण्यतिथि विशेष: 'मैं आजाद हूं, आज मैं बहुत दुखी हूं'

27 February 2020

मैं चंद्रशेखर आजाद हूं। 27 फरवरी को मैंने अपने देश की आजादी के लिए बलिदान दिया था। पुण्यतिथि पर आज मुझको याद किया जाएगा, मेरी प्रतिमा-चित्रों पर फूल चढ़ाए जाएंगे, इंकलाब के नारे लगाए जाएंगे, लेकिन मैं बिलकुल भी खुश नहीं हूं। देश के 'दिल' में जो कुछ हो रहा है, उसने मेरा दिल दुखाया है। मैंने तो ऐसे देश के लिए जान न्योछावर की थी, जहां सब लोग मिल-जुलकर रहेंगे, लेकिन यह सब क्या हो रहा है? लोग एक दूसरे की जान के दुश्मन बने हुए हैं। अगर आप वाकई में मुझे श्रद्धांजलि देना चाहते हैं तो पहले नफरत की दीवार गिराइए और भाईचारे के साथ रहिए।

priyanka reddy rape case

.....हर दिन 90 बलात्कार और कितने निर्भया कांड सहेगा देश

29 November 2019

सुबह आंख खुलते ही सोशल मीडिया पर एक लड़की की अधजली लाश देखना हर उस मां बाप के लिए दुखद है जिनकी बेटियां हर रोज पढ़ने या नौकरी के लिए घरों से निकलती हैं। हैदराबाद में पशु डॉक्टर की रेप के बाद जलाकर हत्या कर दी गई और इस घटना से पूरे देश में न केवल रोष और तकलीफ बढ़ी है बल्कि एक डर और शंका फिर से ताजी हुई है। ऐसी घटनाएं न सिर्फ संवेदनाओं को झकझरोती है बल्कि आगे बढ़ रही उन तमाम लड़कियों के मनोबल को भी कम करती हैं जिन्होंने ठान लिया था कि वो पुरुषों से किसी मायने में कम नहीं है। लेकिन वो वाकई इन जैसों की बराबरी तो कभी कर ही नहीं सकतीं। 

गरीबी, कुपोषण और सस्ती शिक्षा, जेएनयू के छात्रों का विरोध प्रदर्शन कितना सही?

20 November 2019

देश भर में इस समय जेएनयू का मुद्दा छाया है। कुछ वक्त पहले जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रों की फीस में बढ़ोतरी कर दी गई, जिसे लेकर हजारों छात्र छात्रावास शुल्क वृद्धि को पूरी तरह वापस लिए जाने की मांग को विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों के प्रदर्शन और छात्रावास शुल्क वृद्धि का मामला संसद में भी गर्माया हुआ है। हर तरफ इसकी चर्चा हो रही है। ये फीस वृद्धि सही है या गलत इस बारे में बात की जाएगी, लेकिन पहले ये जानना जरूरी है कि पहले जेएनयू की फीस कितनी थी और अब कितनी कर दी गई। 

चेट्टियार समुदाय का वह नेता जिसने कभी मनी लॉन्ड्रिंग को खत्म किया, आज उसी की गिरफ्त में है

23 August 2019

पलनियप्पन चिदंबरम, दक्षिण भारत में कांग्रेस का वह चेहरा जिसके कंधों पर कभी पूरे भारत की अर्थव्यवस्था टिकी थी, वह शख्स जिसका नाम हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से जुड़ा है, वह इनसान जिसे कांग्रेस पार्टी दक्षिण का राजा मानती है। इस राजा का आज से नहीं बल्कि कई पीढ़ियों से दक्षिण भारत में प्रभुत्व रहा है। हम बात कर रहे हैं कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की। वित्त मंत्री रहते हुए उनके काम की खूब तारीफ हुई। हर किसी ने उनके हुनर की सराहना की लेकिन इस बार वे अपनी कारस्तानियों के चलते चर्चा में हैं। मामला है INX मीडिया में मनी लॉन्ड्रिंग का। इससे पहले कि चिदंबरम पर लगे आरोपों की चर्चा हो और हम आपको बताएं कि कानून व्यवस्था से जुड़ी सबसे बड़ी एजेंसी जो किसी समय पर चिदंबरम का हुक्म बजाती थी, आज क्यों उन्हीं के पीछे पड़ी है, आपको बताते हैं कि कौन है चेट्टियार समुदाय से आने वाला वह शख्स जिसे दक्षिण भारत का कुशल व्यापारी कहा जाता है।

अब विधानसभा चुनाव में स्वतंत्र देव सिंह पर दांव

17 July 2019

भारतीय जनता पार्टी ने 2022 में उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। यूपी के जातीय समीकरण को साधने के लिए यूपी सरकार में मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को प्रदेश का नया बीजेपी अध्यक्ष बनाया है। यूपी सरकार में परिवहन मंत्री के तौर पर काम करने वाले स्वतंत्र देव सिंह मध्यप्रदेश के प्रभारी भी रहे हैं। पिछड़ा वर्ग में कुर्मी बिरादरी से आने वाले स्वतंत्र देव सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर बीजेपी ने पिछड़ा वर्ग की गैरयादव जातियों को साधने की कोशिश की है। बीजेपी ने यहां पर 'एक व्यक्ति-एक पद' की नीति पर काम करते हुए केंद्रीय मंत्री महेंद्रनाथ पांडे को हटाकर उन्हें यह पद दिया है।

बहानों के रेगमाल से कश्मीर में राजनीति चमकाने की नाकाम कोशिश

11 July 2019

किसी की राजनीति चमक रही है, तो कोई बहानों के रेगमाल से अपनी राजनीति चमकाने में जुटा है। कभी मंदिर-मस्जिद के नाम पर, कभी आतंकवाद के नाम पर तो कभी आम नागरिकों की समस्या सुलझाने के ढोंग के नाम पर। बहानों का ऐसा ही एक रेगमाल इन दिनों पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्लाह लिए घूम रहे हैं। अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा में लगाई गई सेना से वहां के नागरिकों को क्या परेशानी हो रही है, यह चर्चा का विषय हो सकता है लेकिन सबसे ज्यादा उमर और महबूबा खिसिया रहे हैं। हाइवे पर हाय तौबा मचाए हुए हैं।

महेंद्र सिंह धोनी से प्यार है तो ट्वीट न करो, उसके जैसा बनो

11 July 2019

वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल मुकाबला अजब रहा। दो दिन तक करोड़ों क्रिकेट लवर्स की धुकधुकी बनी रही। मैच शुरू होने से पहले ही धोनी पर सट्टा लगने लगा, उनके रिटायरमेंट पर बात होने लगी और थोक के भाव मीम शेयर किए जाने लगे। टीम इंडिया जीतेगी, नहीं जीतेगी…इससे ज्यादा चर्चा इस बात की होती रही कि धोनी जिताएगा या रोहित या फिर कोहली।

बाल श्रम निषेध दिवस: कब मासूम काम छोड़कर देख पाएंगे सपने

12 June 2019

बाल श्रम के खात्मे के लिए आज पूरी दुनिया में बाल श्रम निषेध दिवस मनाया जा रहा है। बाल श्रम निषेध दिवस पर श्रमिक संगठन, स्वयंसेवी संगठन और सरकारें बालश्रम को कम करने के लिए इस दिवस पर तमाम उत्सव-आयोजन कर रही है। सरकारें बाल श्रम को समाप्त करने के लिए बड़े-बड़े वादे करती हैं। लेकिन इसके बावजूद भी बाल श्रम रुक नहीं पा रहा है। आज भी भारत में 1.01 करोड़ से अधिक से बाल श्रम काम में लगे हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि हर भले ही बाल श्रम को करने की प्रतिज्ञा ली जाती हो, लेकिन इसके बाद भी मासूम काम के बोझ तले दबे हुए हैं। बता दें बाल मजदूरी के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से और 14 साल की उम्र के कम बच्‍चों को इस काम से निकालकर उन्‍हें शिक्षा दिलाने के उद्देश्‍य से इस दिवस की शुरुआत साल 2002 में 'द इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन' की ओर से की गई थी। 

एवेंजर्स एंडगेम: क्यों देखें और क्यों न देखें, ये 05-05 कारण पढ़ लीजिए

28 April 2019

आज से ठीक एक साल पहले 27 अप्रैल 2018 के दिन भारत में एवेंजर्स सीरीज की इनफिनिटी वॉर रिलीज हुई थी। इसमें सुपर विलेन थानोस ने हिन्दी फिल्मों के अमरीश पुरी और डैनी की तरह पूरे क्लाइमेक्स के साथ एंट्री ली थी। अटैची की तरह मुंह वाले थानोस ने सुपर हीरोज को धोबी की तरह उठा-उठाकर पटका। मतलब यूं कहें केवल मारा ही नहीं, बल्कि घसीटा भी। इतनी जलालत का सामना सुपरहीरोज ने अपनी पूरी जिंदगी में नहीं किया था। एक चुटकी बजाकर थानोस ने इस दुनिया की आधी जनसंख्या को खत्म कर दिया। अपमान का घूंट पीकर बाकी बचे सुपरहीरोज ने वर्ष 2019 में थानोस का बैंड बजाने का मुहूर्त निकाला था। आखिरकार विश्व के सिनेमा इतिहास में थानोस की पिटाई का वो एतिहासिक दिन भी आ गया। फिल्म पूरी दुनिया में बंपर गदर काट रही है। रुसो ब्रदर्स (फिल्म के डायरेक्टर भाई) ने कुछ दिनों पहले कहा था कि फिल्म देखते जाते वक्त दर्शकों को रुमाल लेकर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। फिल्म ने उस खास वर्ग के लोगों को रुलाया, जिन्हें कैलिफोर्निया के मालीबू प्वाइंट (टोनी भैया का मोहल्ला) से मोहब्बत थी। यह वही जगह है, जहां टोनी स्टॉर्क उर्फ आयरनमैन अपनी प्रेमिका पेपर के साथ रहते थे।अब सुनिए काम की बात, हमने तो फिल्म देख ली है (वो भी थ्रीडी में), और अगर आप अभी भी देखें या न देखें के झमेले में पड़े हैं तो यहां हम 5-5 कारण बताने जा रहे हैं। इसमें क्यों देखें और क्यों न देखें वाली नौटंकी पूरे गवाहों और बयानों के मद्देनजर लिखी जा रही है। आखिरी निर्णय तो आपको ही लेना है।

हे भारत की लड़कियों…तुमको गुस्सा नहीं आता?

16 April 2019

आज सुबह सोकर उठी तो आदतन ट्विटर और फेसबुक की टाइमलाइन चेक करने लगी। हर तरफ आजम खां छा हुए थे। आजम खां को कौन नहीं जानता तो एक बारगी लगा कि उन्होंने फिर कोई विवादित हिंदू-मुस्लिम वाला स्टीरियोटाइप बयान दिया होगा। चुनावी मौसम है, उनके बयान आने लाजिमी हैं। लेकिन नहीं, एक खबर पर क्लिक किया तो देखा उन्होंने फिल्मों में अदाकारा और फिर रामपुर की सांसद रह चुकीं जया प्रदा के अंडरगारमेंट का कलर बताया है। कुछ देर में आजम खां का यह बयान ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा था। देशभर से लोग इस पर अपनी राय दे रहे थे। खबरें लिखी जा रही थीं। रिऐक्शन स्टोरीज हो रही थीं, लेकिन हैरत इस बात की थी कि देश की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जी को छोड़कर किसी महिला नेता ने इस मुद्दे पर एक लाइन नहीं लिखी थी।

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