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ब्लॉग

चेट्टियार समुदाय का वह नेता जिसने कभी मनी लॉन्ड्रिंग को खत्म किया, आज उसी की गिरफ्त में है

23 August 2019

पलनियप्पन चिदंबरम, दक्षिण भारत में कांग्रेस का वह चेहरा जिसके कंधों पर कभी पूरे भारत की अर्थव्यवस्था टिकी थी, वह शख्स जिसका नाम हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से जुड़ा है, वह इनसान जिसे कांग्रेस पार्टी दक्षिण का राजा मानती है। इस राजा का आज से नहीं बल्कि कई पीढ़ियों से दक्षिण भारत में प्रभुत्व रहा है। हम बात कर रहे हैं कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की। वित्त मंत्री रहते हुए उनके काम की खूब तारीफ हुई। हर किसी ने उनके हुनर की सराहना की लेकिन इस बार वे अपनी कारस्तानियों के चलते चर्चा में हैं। मामला है INX मीडिया में मनी लॉन्ड्रिंग का। इससे पहले कि चिदंबरम पर लगे आरोपों की चर्चा हो और हम आपको बताएं कि कानून व्यवस्था से जुड़ी सबसे बड़ी एजेंसी जो किसी समय पर चिदंबरम का हुक्म बजाती थी, आज क्यों उन्हीं के पीछे पड़ी है, आपको बताते हैं कि कौन है चेट्टियार समुदाय से आने वाला वह शख्स जिसे दक्षिण भारत का कुशल व्यापारी कहा जाता है।

अब विधानसभा चुनाव में स्वतंत्र देव सिंह पर दांव

17 July 2019

भारतीय जनता पार्टी ने 2022 में उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। यूपी के जातीय समीकरण को साधने के लिए यूपी सरकार में मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को प्रदेश का नया बीजेपी अध्यक्ष बनाया है। यूपी सरकार में परिवहन मंत्री के तौर पर काम करने वाले स्वतंत्र देव सिंह मध्यप्रदेश के प्रभारी भी रहे हैं। पिछड़ा वर्ग में कुर्मी बिरादरी से आने वाले स्वतंत्र देव सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर बीजेपी ने पिछड़ा वर्ग की गैरयादव जातियों को साधने की कोशिश की है। बीजेपी ने यहां पर 'एक व्यक्ति-एक पद' की नीति पर काम करते हुए केंद्रीय मंत्री महेंद्रनाथ पांडे को हटाकर उन्हें यह पद दिया है।

बहानों के रेगमाल से कश्मीर में राजनीति चमकाने की नाकाम कोशिश

11 July 2019

किसी की राजनीति चमक रही है, तो कोई बहानों के रेगमाल से अपनी राजनीति चमकाने में जुटा है। कभी मंदिर-मस्जिद के नाम पर, कभी आतंकवाद के नाम पर तो कभी आम नागरिकों की समस्या सुलझाने के ढोंग के नाम पर। बहानों का ऐसा ही एक रेगमाल इन दिनों पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्लाह लिए घूम रहे हैं। अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा में लगाई गई सेना से वहां के नागरिकों को क्या परेशानी हो रही है, यह चर्चा का विषय हो सकता है लेकिन सबसे ज्यादा उमर और महबूबा खिसिया रहे हैं। हाइवे पर हाय तौबा मचाए हुए हैं।

महेंद्र सिंह धोनी से प्यार है तो ट्वीट न करो, उसके जैसा बनो

11 July 2019

वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल मुकाबला अजब रहा। दो दिन तक करोड़ों क्रिकेट लवर्स की धुकधुकी बनी रही। मैच शुरू होने से पहले ही धोनी पर सट्टा लगने लगा, उनके रिटायरमेंट पर बात होने लगी और थोक के भाव मीम शेयर किए जाने लगे। टीम इंडिया जीतेगी, नहीं जीतेगी…इससे ज्यादा चर्चा इस बात की होती रही कि धोनी जिताएगा या रोहित या फिर कोहली।

बाल श्रम निषेध दिवस: कब मासूम काम छोड़कर देख पाएंगे सपने

12 June 2019

बाल श्रम के खात्मे के लिए आज पूरी दुनिया में बाल श्रम निषेध दिवस मनाया जा रहा है। बाल श्रम निषेध दिवस पर श्रमिक संगठन, स्वयंसेवी संगठन और सरकारें बालश्रम को कम करने के लिए इस दिवस पर तमाम उत्सव-आयोजन कर रही है। सरकारें बाल श्रम को समाप्त करने के लिए बड़े-बड़े वादे करती हैं। लेकिन इसके बावजूद भी बाल श्रम रुक नहीं पा रहा है। आज भी भारत में 1.01 करोड़ से अधिक से बाल श्रम काम में लगे हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि हर भले ही बाल श्रम को करने की प्रतिज्ञा ली जाती हो, लेकिन इसके बाद भी मासूम काम के बोझ तले दबे हुए हैं। बता दें बाल मजदूरी के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से और 14 साल की उम्र के कम बच्‍चों को इस काम से निकालकर उन्‍हें शिक्षा दिलाने के उद्देश्‍य से इस दिवस की शुरुआत साल 2002 में 'द इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन' की ओर से की गई थी। 

एवेंजर्स एंडगेम: क्यों देखें और क्यों न देखें, ये 05-05 कारण पढ़ लीजिए

28 April 2019

आज से ठीक एक साल पहले 27 अप्रैल 2018 के दिन भारत में एवेंजर्स सीरीज की इनफिनिटी वॉर रिलीज हुई थी। इसमें सुपर विलेन थानोस ने हिन्दी फिल्मों के अमरीश पुरी और डैनी की तरह पूरे क्लाइमेक्स के साथ एंट्री ली थी। अटैची की तरह मुंह वाले थानोस ने सुपर हीरोज को धोबी की तरह उठा-उठाकर पटका। मतलब यूं कहें केवल मारा ही नहीं, बल्कि घसीटा भी। इतनी जलालत का सामना सुपरहीरोज ने अपनी पूरी जिंदगी में नहीं किया था। एक चुटकी बजाकर थानोस ने इस दुनिया की आधी जनसंख्या को खत्म कर दिया। अपमान का घूंट पीकर बाकी बचे सुपरहीरोज ने वर्ष 2019 में थानोस का बैंड बजाने का मुहूर्त निकाला था। आखिरकार विश्व के सिनेमा इतिहास में थानोस की पिटाई का वो एतिहासिक दिन भी आ गया। फिल्म पूरी दुनिया में बंपर गदर काट रही है। रुसो ब्रदर्स (फिल्म के डायरेक्टर भाई) ने कुछ दिनों पहले कहा था कि फिल्म देखते जाते वक्त दर्शकों को रुमाल लेकर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। फिल्म ने उस खास वर्ग के लोगों को रुलाया, जिन्हें कैलिफोर्निया के मालीबू प्वाइंट (टोनी भैया का मोहल्ला) से मोहब्बत थी। यह वही जगह है, जहां टोनी स्टॉर्क उर्फ आयरनमैन अपनी प्रेमिका पेपर के साथ रहते थे।अब सुनिए काम की बात, हमने तो फिल्म देख ली है (वो भी थ्रीडी में), और अगर आप अभी भी देखें या न देखें के झमेले में पड़े हैं तो यहां हम 5-5 कारण बताने जा रहे हैं। इसमें क्यों देखें और क्यों न देखें वाली नौटंकी पूरे गवाहों और बयानों के मद्देनजर लिखी जा रही है। आखिरी निर्णय तो आपको ही लेना है।

हे भारत की लड़कियों…तुमको गुस्सा नहीं आता?

16 April 2019

आज सुबह सोकर उठी तो आदतन ट्विटर और फेसबुक की टाइमलाइन चेक करने लगी। हर तरफ आजम खां छा हुए थे। आजम खां को कौन नहीं जानता तो एक बारगी लगा कि उन्होंने फिर कोई विवादित हिंदू-मुस्लिम वाला स्टीरियोटाइप बयान दिया होगा। चुनावी मौसम है, उनके बयान आने लाजिमी हैं। लेकिन नहीं, एक खबर पर क्लिक किया तो देखा उन्होंने फिल्मों में अदाकारा और फिर रामपुर की सांसद रह चुकीं जया प्रदा के अंडरगारमेंट का कलर बताया है। कुछ देर में आजम खां का यह बयान ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा था। देशभर से लोग इस पर अपनी राय दे रहे थे। खबरें लिखी जा रही थीं। रिऐक्शन स्टोरीज हो रही थीं, लेकिन हैरत इस बात की थी कि देश की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जी को छोड़कर किसी महिला नेता ने इस मुद्दे पर एक लाइन नहीं लिखी थी।

फेक न्यूज को पहचानना है आसान

04 April 2019

फेक न्यूज भारत जैसे देश में एक गंभीर समस्या है। इसकी वजह से जहां एक ओर देश की सुरक्षा को खतरा है, वहीं गलत जानकारी भी प्रसारित होती है। फेक न्यूज का मकसद किसी संस्था, पार्टी, व्यक्ति के खिलाफ या पक्ष में माहौल बनाना होता है। कई बार दूसरे धर्म या समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने के लिए भी फेक न्यूज बनाई जाती है। हमारे व्हाट्सअप और अन्य सोशल मीडिया साइट्स पर आजकल कई तरह की जानकारियां आती हैं, हम उन्हें बिना जांचें-परखे ही फॉरवर्ड कर देते हैं, धीरे-धीरे ऐसी फेक न्यूज वायरल हो जाती हैं। इसलिए आज हम आपको फेक न्यूज को पकड़ने के कुछ तरीकों के बारे में विस्तार से बताते हैं।

क्या कन्हैया को राजनीति में नहीं आने देना चाहते तेजस्वी?

25 March 2019

कभी किंगमेकर की भूमिका निभाने वाली सीपीआई (कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया) को भले ही बिहार के महागठबंधन में जगह न मिली हो, लेकिन पार्टी बिहार में एक सीट पर मजबूती के साथ लड़ने जा रही है। यह सीट है बेगूसराय लोकसभा की। बेगूसराय सीट से पार्टी ने कन्हैया कुमार को चुनाव मैदान में उतारने का फैसला लिया है। यहां से पार्टी महागठबंधन में आरजेडी के उम्मीदवार तनवीर हसन और भाजपा से सांसद व केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के सामने उतारने जा रही है। बेगूसराय सीट से कन्हैया कुमार के उतरने के बाद इस सीट पर मुकाबला काफी रोचक हो गया है। 

सावधान: कहीं पबजी और टिकटॉक आपको बीमार न बना दें

15 March 2019

एक दौर था जब शाम होते ही पार्कों और मैदानों में खेलने वाले बच्चों की भीड़ इकट्ठा हो जाती थी। गेम्स में वैरायिटी तब भी थीं क्रिकेट, खो-खो, पिट्टू, छुपन-छुपाई जैसे तमात खेल थे जिन्हें खेलने के नियम अलग-अलग थे। लेकिन जैसे-जैसे चीजें बदलीं गेम्स भी बदलते गए अब पार्क खाली पड़े होते हैं क्योंकि उनमें खेलने वाले बच्चों के हाथ में स्मार्ट फोन आ गए हैं। उनके पास समय ही नहीं है उससे इतर जाने का कहीं। बदलते जमाने में जहां टेक्नोलॉजी ने हमारी जिंदगियों को आसान किया है, वहीं कई बड़े नुकसान भी दिए हैं। इनमें से एक है युवाओं में बढ़ती सोशल मीडिया की लत। आए दिन नए-नए गेम्स बच्चों को अपना दिवाना बनाकर उन्हें बाकी चीजों से दूर कर रहे हैं। जैसे आजकल पबजी और टिकटॉक नाम के दो ऐप्स बुरी तरह से बच्चों और युवाओं के दिलो दिमाग पर छाए हैं। अब ये दोनों क्या बला हैं ये खेलने और देखने वाले तो जानते ही हैं लेकिन फिर भी जानकारी के लिए बता दें पबजी एक ऐसा मोबाइल गेम है जिसका क्रेज युवा और बच्चों में बहुत तेजी से बढ़ता जा रहा है। इसी तरह 'टिक-टॉक' एक सोशल मीडिया ऐप्लिकेशन है जिसके जरिए स्मार्टफोन यूजर छोटे-छोटे वीडियो बनाकर शेयर कर सकते हैं। इसमें बैकग्रांउड में फिल्मी गाने या डॉयलाग चलते हैं और आपको उसी हिसाब से एक्सप्रेशन देने होते हैं। 

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