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ज्योतिष एवं धर्मकर्म

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आप अपनी कुंडली में गज केसरी योग, लक्ष्मी योग का निर्माण स्वयं कर सकते हैं

17 September 2020

मृदुल सरल, ज्योतिषाचार्ययह आर्टिकल उन लोगों के लिए है जो प्रकृति में मनुष्य द्वारा पैदा की गई जटिलताओं को सुलझाने में अपना योगदान देना चाहते हैं, जिनको ज्योतिष में रूचि है और जो समाज में अपना योगदान देना चाहते हैं। जो ऐसा नहीं कर सकते हैं, वे इस आर्टिकल को पढ़कर अपना समय नष्ट न करें। अगर आपकी कुंडली में गज केसरी योग और लक्ष्मी योग नहीं है तो साधारण सा कार्य करके इन योगों का निर्माण स्वयं कर सकते हैं।रुके हुए काम, बिगड़े हुए काम, उलझे हुए काम, न बनते काम, बनने लगेंगे और सुधरने की राह पर आ जाएंगे। 24 घंटे में पॉजिटिव सिग्नल मिल जाएगा। हां, काम के पूरी तरह से बनने में हो सकता है थोड़ा सा समय लग जाए, लेकिन काम बनेगा जरूर। बशर्ते काम गलत नीयत वाला नहीं होना चाहिए।

pitra visarjan

घर के प्रेत या पितर रुष्ट होने के लक्षण और उपाय

30 August 2020

मृदुल सरल, ज्योतिषाचार्यबहुत जिज्ञासा होती है आखिर ये पितृदोष है क्या? पितृ -दोष शांति के सरल उपाय पितृ या पितृ गण कौन हैं? इन सारे सवालों के जवाब आपको यहां मिलेंगे। पितृ गण हमारे पूर्वज हैं जिनका ऋण हमारे ऊपर है ,क्योंकि उन्होंने कोई ना कोई उपकार हमारे जीवन के लिए किया है। मनुष्य लोक से ऊपर पितृ लोक है,पितृ लोक के ऊपर सूर्य लोक है एवं इस से भी ऊपर स्वर्ग लोक है।

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गुरु की कृपा प्राप्त करने के महाउपाय

29 August 2020

मृदुल सरल, ज्योतिषाचार्य यदि कुंडली में गुरु ग्रह का कोई दोष हो तो विवाह और भाग्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गुरु ग्रह के दोषों की शांति के लिए गुरुवार को खास उपाय किए जा सकते हैं। गुरु ग्रह को बृहस्पति भी कहा जाता है, ये देवताओं के गुरु भी हैं। गुरु वैवाहिक जीवन व भाग्य का कारक ग्रह है। गुरु ज्योतिष के नव ग्रहों में सबसे अधिक शुभ ग्रह माने जाते हैं। जीवन में हर क्षेत्र में सफलता के पीछे गुरु ग्रह की स्थिति बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। कुंडली में अगर गुरु मजबूत हो तो सफलता का कदम चूमना बिल्कुल तय है। सफलता के पीछे सकारात्मक उर्जा का होना अहम होता है और यही काम गुरु करते हैं। गुरु जीवन के अधिकतर क्षेत्रों में सकारात्मक उर्जा प्रदान करने में सहायक होते हैं। अपने सकारात्मक रुख के चलते व्यक्ति कठिन से कठिन समय को आसानी से सुलझा लेता है। गुरु आशावादी बनाते हैं और निराशा को जीवन में प्रवेश नहीं करने देते। इसके फलस्वरूप सफलता खुद ब खुद कदम चूमने लगती है और जिंदगी में खुशहाली भी आ जाती है।

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घर की नकारात्मक ऊर्जा हटाने के उपाय

26 August 2020

मृदुल सरल, ज्योतिषाचार्यजैसा कि आप जानते है हर घर में कोई न कोई वास्तु दोष अवश्य मिलता है। ऐसे में घर में कोई न कोई समस्या बनी रहती है। वास्तु दोष से घर में नकारात्मक उर्जा भी इकट्ठी होती रहती है, जो घर में कलह का कारण बनती है। इससे परिवार के सदस्यों को स्वास्थ्य की हानि और पैसे की बचत न होने जैसी समस्या से जूझना पड़ता है। आज कुछ उपाय बताए जा रहे हैं, जिससे आप घर में नकारात्मक उर्जा को खत्म कर सकते हैं।

kundali

कुंडली में नौकरी या व्यापार, जानिए आपको क्या होगा फलीभूत ...

20 August 2020

मृदुल सरल, ज्योतिषाचार्यबहुत से लोगों के मन में दुविधा होती है कि उन्हें नौकरी करनी चाहिए या व्यापार। नौकरी में प्राइवेट नौकरी करनी चाहिए या सरकारी? व्यापार फलीभूत होगा तो कौन सा? इन्हीं प्रश्नों के समाधान के लिए यहां प्रस्तुत है कुछ सामान्य जानकारी।

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वीआईपी सुरक्षा में रहता है ये पेड़, अब तक हो चुके हैं लाखों खर्च

18 August 2020

वीआईपी सुरक्षा में अभी तक आपने नेता, मंत्री, अधिकारी, हीरो, खिलाड़ी आदि लोगों को तो देखा ही होगा। लेकिन अगर मैं आपसे कहूँ कि एक पेड़ को वीआईपी सुरक्षा दी जाती है। तो आप शायद इस बात पर भरोसा न करें, लेकिन ये बात सोलह आने सच है।मध्य प्रदेश में लगे इस पेड़ की 24 घंटे सुरक्षा की जाती है। इस पेड़ को इतनी महत्ता क्यों दी जाती है, आखिर क्यों है इसकी सुरक्षा इतनी सख्त, ये सब आपको हम आज बताएँगे।

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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व, संदिग्ध व्रत पर्व व शंका समाधान

11 August 2020

मृदुल सरल, ज्योतिषाचार्यकृष्ण जन्मोत्सव पर्व इस वर्ष 11 एवं 12 अगस्त को मनाया जा रहा है। जन्माष्टमी के आगमन से पहले ही उसकी तैयारियां जोर शोर से आरंभ हो जाती है। पूरे भारत वर्ष में जन्माष्टमी पर्व पूर्ण आस्था एवं श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। श्री कृष्णजन्माष्टमी भगवान श्री कृष्ण का जनमोत्स्व है। योगेश्वर कृष्ण के भगवद गीता के उपदेश अनादि काल से जनमानस के लिए जीवन दर्शन प्रस्तुत करते रहे हैं। जन्माष्टमी भारत में हीं नहीं बल्कि विदेशों में बसे भारतीय भी इसे पूरी आस्था व उल्लास से मनाते हैं। श्रीकृष्ण ने अपना अवतार भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मध्यरात्रि को अत्याचारी कंस का विनाश करने के लिए मथुरा में लिया। चूंकि भगवान स्वयं इस दिन पृथ्वी पर अवतरित हुए थे अत: इस दिन को कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाते हैं। इसीलिए श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा नगरी भक्ति के रंगों से सराबोर हो उठती है।

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ध्यान दें : इन ग्रहों के कारण आपके रिश्तों पर पड़ता है असर

08 August 2020

भारत को मान्यताओं का देश कहा गया है। मिट्टी, पानी यहाँ तक कि गोबर को भी यहाँ देव तुल्य कहा गया है। मान्यताओं के आधार पर हमारे देश में कई ऐसे शास्त्र भी हैं जिन्हें लोगों द्वारा पूर्ण विश्वास के साथ अपनाया जाता है। उनमें से एक है ज्योतिष शास्त्र।   ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों और नक्षत्रों का संबंध सीधे हमारे जीवन से जुड़ा हुआ होता है। हमारे व्यक्तिगत जीवन में ये ग्रह विभिन्न पहलुओं से जुड़े होते हैं, इन ग्रहों का संबंध परस्पर हमारे रिश्तों के साथ जुड़ा रहता है। मान्यताओं और शास्त्रों की मानें तो हमारे व्यक्तिगत रिश्तों पर ग्रहों का सीधा प्रभाव पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र की मानें तो नौ गृह होते हैं। और इन नौ ग्रहों का असर हमारे किसी न किसी रिश्ते पर पड़ता ही है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि ग्रहों का हमारे रिश्तों से क्या संबंध है। पुत्र और पिता के साथ रिश्तों में सूर्य ग्रह जुड़ा हुआ माना गया है। यदि कोई व्यक्ति अपने पिता से दूरी बना कर रहता है या पिता का अनादर करता है तो इसका मतलब वह अपने सूर्य को कमजोर करता है। आपके जीवन में सूर्य गृह का कमजोर होना मतलब इससे कई तरह की परेशानियां आपको घेर सकती हैं। इस गृह के कमजोर होने का मतलब है कि आप आर्थिक संकट, बीमारी, मानसिक तनाव आदि से परेशान रहेंगे।  सूर्य गृह को ठीक करने या कहें कि खुश करने के सारे उपाय तब तक बेकार हैं जब तक आपके रिश्ते पिता के साथ अच्छे नहीं बन जाते हैं। पिता के बाद अब बात करते हैं माँ के साथ व्यक्तिगत संबंध के बारे में। यदि आपके रिश्ते अपनी माँ से खराब है तो इसका मतलब है कि आपका चंद्रमा कमजोर है। या इसे दूसरी भाषा में कहें तो मां के साथ रिश्ते खराब होने का चंद्रमा पर खराब असर पड़ता है।  ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि आप अपनी मां को अपमानित करते हैं, या कोई अपशब्द कहते हैं तो आपका चंद्रमा नाराज होगा जिसके नाराज होने से आपको कई परेशानियों से गुजरना पड़ सकता है। चंद्रमा के नाराज होने से आपको कई प्रकार की बीमारियां लग सकती हैं, आपकी तरक्की भी रुक सकती साथ ही आप आर्थिक तंगी से जूझ सकते हैं। इसके बाद अब नंबर आता है ससुराल से आपके संबंध, चाचा-चाची, ताऊ और दूसरे संबंधियों के साथ आपके संबंध कैसे बिगड़ते हैं।  यदि आपके रिश्ते इन लोगों से भी बिगड़ते हैं तो इसका मतलब है कि आपका मंगल ग्रह दिक्कत में हैं। मंगल गृह के कमजोर पड़ने से ही छोटे भाई बहन के साथ आपके रिश्तों में खटास आती है। इसके अलावा भाई-बहन, मामा-मामी और आपके विरोधियों से आपके रिश्ते बुध ग्रह के कारण ही बनते और बिगड़ते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरु और शुक्र के कारण आपके रिश्ते जीवनसाथी और दोस्तों के बनते और बिगड़ते हैं। साथ ही शनि ग्रह के कारण पिता, सास-ससुर, बेटे-बेटियों और दोस्तों के साथ रिश्ते बनते और बिगड़ते हैं। राहु गृह का आपने नाम तो सुना ही होगा। अक्सर यह गृह किसी न किसी कारण चर्चा में बना रहता है। आपको बता दें कि राहू दादा से रिश्तों के लिए जिम्मेदार है और केतु नाना से आपके रिश्ते के बनाने और बिगाड़ने के लिए जिम्मेदार है। राहु गृह का संबंध आपके दादा के साथ ही आपकी ससुराल पक्ष के लोगों के साथ संबंध बनाता और बिगाड़ता है। कुल मिलाकर यदि आपके रिश्ते सही रहते हैं, आपके रिश्तों में प्रेम, सम्मान का भाव है तो आपके जीवन और रिश्तों पर ग्रहों का सकारात्मक असर पड़ेगा। 

palmistry

हाथ की रेखाएँ भी बताती है सरकारी नौकरी के बारे में

07 August 2020

भारत मान्यताओं का देश है यहां हर चीज को किसी न किसी चीज से जोड़कर ही माना जाता है। आस्था और विश्वास का यह देश कई अन्य बातों से भी जाना जाता है उनमें से एक है हस्तरेखा शास्त्र। भारत में हस्तरेखा शास्त्र पर लोगों का पूर्ण विश्वास है। सवा सौ करोड़ लोगों से भी ज्यादा का यह देश हस्तरेखाओं के आधार पर कई बड़े फैसले करता आया है।   हस्तरेखा शास्त्र सामुदायिक शस्त्र का एक अंग है। इसकी रचना मान्यताओं के अनुसार समुद्र ऋषि ने की थी। हस्त रेखाएँ शुक्लपक्ष और कृष्णपक्ष में बनती बिगड़ती है।    हस्तरेखा शास्त्र यानि हाथ की रेखाओं को देखकर आने वाले भविष्य को जानना। हस्तरेखा शास्त्र से आसानी से यह पता लगाया जा सकता है कि मनुष्य अपने जीवन में सरकारी नौकरी करेगा या नही, न सिर्फ नौकरी मनुष्य और भी बहुत कुछ इस हस्तरेखा शास्त्र से जान सकता है। तो चलिए आज जानने की कोशिश करते हैं कि हैं हथेली की किन किन रेखाओं से सरकारी नौकरी मिलती है।  हाथ में सरकारी नौकरी की रेखा हाथ की लकीरों को पढ़कर भविष्य बताने वाले हस्तरेखा विशेषज्ञों के अनुसार हथेली में सरकारी नौकरी की रेखा भाग्य रेखा से जुड़ी हुई होती हैं। जिस व्यक्ति के हाथ में भाग्य रेखा जीवन रेखा को काटते हुए गुरू पर्वत और शनि पर्वत के बीच से जाती हैं। उन लोगों के भाग्य में सरकारी नौकरी होती हैं। शर्त यह है कि यह यह रेखा बिलकुल साफ होनी चाहिए और यह रेखा बीच में से कहीं से भी कटी नहीं होनी चाहिए। जिस व्यक्ति की हाथ की रेखाओं में सूर्य पर्वत की रेखा छोटी होगी उस व्यक्ति के सरकारी नौकरी पाने के चांस ज्यादा होते हैं। यदि सूर्य रेखा किसी व्यक्ति की जीवन रेखा से निकलकर सीधे सूर्य पर्वत पर जाकर रूके तो ऐसे व्यक्तियों को सरकारी नौकरी जरूर मिलती है। जिस व्यक्ति के हाथ की रेखा में घुमाव या रेखाएँ टेढ़ी मेढ़ी होती हैं, ऐसे लोगों को अपनी नौकरी में अधिक संघर्ष करना पड़ता है। इस प्रकार के लोगों को नौकरी मिलने के बाद उनका कई बार ट्रांसफर होता है। हथेली पर गुरू पर्वत में चिन्ह हस्तरेखा शास्त्र की मानें तो जिस व्यक्ति की हथेली के गुरू पर्वत में कोई चिन्ह होता है तो वह व्यक्ति भी सरकारी नौकरी करता है। इसके साथ ही हाथ की रेखाओं पर गुरू पर्वत में त्रिभुज और वर्भ का चिन्ह हो या कोई ऐसी रेखा हो जो भाग्य रेखा को छूती हो, तो ऐसे व्यक्तियों को भी सरकारी नौकरी मिलती हैं। जिन लोगों की हाथ की रेखाओं पर स्पष्ट नजर नहीं पड़ती, या रेखाएँ कटी फटी हैं तो ऐसे लोगों को भी सरकारी नौकरी मिलने में परेशानी होगी। हाँ लेकिन ऐसे लोगों के पास कभी धन की कोई कमी नहीं रहती है।हथेली पर बने बुध पर्वत में सरकारी नौकरी हाथ देखने वाले विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि हथेली के बुध पर्वत में सरकारी नौकरी की रेखा बहुत ही मुश्किल से मिलती हैं और यह रेखा भाग्य रेखा से होकर गुजरती है। हाँ लेकिन यह रेखा बहुत ही कम लोगों के हाथ में देखी जाती है। हथेली पर बुध पर्वत में एक या एक से अधिक रेखाओं का होना बहुत अच्छे भाग्य का योग भी बताती है। साथ ही इस प्रकार के लोग कार्य क्षेत्र में अधिक मेहनती होते हैं। इस प्रकार के लोगों को सरकारी नौकरी भी मिलती हैं लेकिन यदि यह लोग चाहें तो अपना खुद का व्यवसाय भी कर सकते हैं। 

Vaishno Devi

खत्म होगा इंतजार, इस तारीख से खुल सकते हैं वैष्णोदेवी के कपाट

05 August 2020

राम जन्मभूमि में भूमि पूजन के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए एक और खुशखबरी आई है। अब माता के भक्तों का इंतजार खत्म होने वाला है। जम्मू कश्मीर के प्रशासन ने 16 अगस्त से राज्य के सभी धार्मिक स्थलों को खोलने का आदेश दे दिया है। उम्मीद है कि अब माता वैष्णोदेवी की यात्रा भी शुरू हो जाएगी।

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