इस आदमी ने 'जिंदगी के साथ भी, जिंदगी के बाद भी' को किया चरितार्थ

फोटो: Facebook @vikas.pachori.16

जब लोग अपनों को खो देने के दुख में शव को अस्पताल, घर, घटनास्थल या घर से मुक्तिधाम धाम तक पहुंचाने के लिए परेशान रहते हैं तब उन्हें केवल एक ही नाम याद आता है... विकास पचौरी।

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