सपनों की उड़ान भरने के लिए मां-बाप को छोड़ा, किया भारत का नाम रोशन

फोटो: samsung.com

जिस तरह हवाई जहाज को उड़ान भरने के लिए रनवे की जरूरत होती है, उसी तरह सपनों की उड़ान के लिए भी एक ऐसी 'जमीन' की जरूरत होती है जो उसका भार उठा सके। इस जमीन को पाने के लिए त्याग और लगन की भी बहुत जरूरत पड़ती है। ऐसी ही है सदानंद उगले की कहानी। 

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