5 रुपये में एक प्लेट इडली, चाय और एक अनमोल सीख...

यह हमारी कहानी नहीं है, न ही हमारे किसी साथी ने इसे खोजा है। यह कहानी हमें फेसबुक के जरिए मिली। दिलीप मेंजिस की वॉल पर। पर, यह कहानी उसकी भी नहीं है। यह कहानी मानवता की है, गरीबी में भी ममता और जीवटता की है। और...यह कहानी है आत्म सम्मान की।

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