बहादुरी की मिसाल बनीं 17 साल की सीमा, इस तरह दूर कर रहीं सामाजिक बुराइयां

सीमा

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी की रहने वाली 17 साल की सीमा शा बहादुरी की मिसाल हैं। वह तीन साल की थीं जब उनके पिता की मौत हो गई। पिता के निधन के बाद सीमा के परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। फैक्ट्री में काम करने वाले सीमा के भाई की मामूली सी कमाई के भरोसे परिवार चलता रहा। इसके बाद सीमा ने भी परिवार को चलाने के लिए हाथ बंटाना शुरू किया। 

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