हिम्मत न हारते हुए एक महिला पत्रकार के 'सुपर वूमन' बनने का नाम है नलिनी गुसाईं

फोटो: Facebook@nalini.gosain

नलिनी गुसाईं

आज हमारे साथ हैं, केसीके अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित अमर उजाला देहरादून की पत्रकार नलिनी गुसाईं। उत्तराखंड में चमोली जिले की रहने वाली नलिनी ने कम उम्र में ही पत्रकारिता के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर दिए हैं। 

पत्रकारों की जिंदगी खबर खोजते और दुनिया को उस खबर को बताने में ही निकल जाती है। उनके इस कार्य के लिए जब उनका सम्मान होता है तो कम से कम पूरी पत्रकार बिरादरी को तो गर्व होता ही है। आज हमारे साथ हैं, केसीके अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित अमर उजाला देहरादून की पत्रकार नलिनी गुसाईं।

उत्तराखंड में चमोली जिले की रहने वाली नलिनी ने कम उम्र में ही पत्रकारिता के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर दिए हैं। नलिनी को अगर 'सुपर वूमन' कहा जाय तो गलत नहीं होगा, पिछले साल एक हादसे में अपने पति को गंवाने के बाद जिस तरह वो अपनी 3 साल की बेटी की जिम्मेदारी बखूबी निभाते हुए अपने पत्रकारिता के फर्ज को निभा रही हैं, वो हम सभी लोगों के लिए प्रेरणादायक है। पेश है नलिनी से बातचीत के कुछ अंश... 

आगे पढ़ें

कमेंट्स लिखें