पार्वती थीं तो सब ठीक था, अब क्या औरत भी न रही?

फोटो: Instagram@bsonarika

आज कहने में तनिक भी संकोच नहीं कि हमारा देश तमाम ऐतिहासिक विरासतों को समेटे, तमाम अच्छाइयों को समेटे मूढ़ता से भी ग्रस्त है। ग्रस्त क्या, अपाहिज कह लीजिए। देश की तरक्की के सामने आती हमारे समाज की घटिया सोच का सबसे ताजा उदाहरण हैं सोनारिका भदौरिया। इन्होंने एक गलती की थी, एक धार्मिक सीरियल में पार्वती बनकर। अब उन्होंने अपनी पसंद के कपड़े पहनने का अधिकार खो दिया है। हां, ऐसा ही लगता है। हमारे देश के लोग किसी अभिनेता को उसके अभिनय या पात्र से नहीं याद रखना चाहते, उसे किसी और रूप में देखना ही नहीं चाहते।

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